स्वास्थ्य

जीभ पर दिखे ये सफेद और लाल निशान, तो हो सकता है मुंह का Cancer! जानें कैसे करें बचाव

Oral Cancer Symptoms: मुंह का कैंसर अक्सर देर से पता चलता है। जानिए इसके शुरुआती लक्षण, कारण, जोखिम, जांच, इलाज और बचाव के आसान तरीके। समय पर पहचान जीवन बचा सकती है।
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Nov 24, 2025
Oral Cancer Symptoms
Oral Cancer Symptoms (photo- gemini ai)

Oral Cancer Symptoms: मुंह का कैंसर (Oral Cancer) ऐसे कैंसर को कहा जाता है जो होंठ, जीभ, मसूड़ों, अंदरूनी गाल, तालू या मुंह के निचले हिस्से में बनता है। यह दुनिया में तेजी से बढ़ती एक गंभीर बीमारी है, खासकर इसलिए क्योंकि ज्यादातर लोग इसका पता बहुत देर से लगाते हैं। देर से पता चलने पर इलाज मुश्किल हो जाता है और ठीक होने की संभावना कम हो जाती है। इसलिए मुंह के कैंसर के कारण, शुरुआती लक्षण और बचाव समझना बहुत जरूरी है।

मुंह का कैंसर क्यों होता है?

मुंह का कैंसर एक वजह से नहीं होता, बल्कि कई कारण मिलकर इसे बढ़ाते हैं। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, पान मसाला, इन सबमें मौजूद केमिकल मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। लंबे समय तक तंबाकू इस्तेमाल करना सबसे बड़ा कारण है। शराब मुंह की कोशिकाओं को कमजोर करती है। अगर कोई तंबाकू और शराब दोनों लेता है, तो उसका खतरा कई गुणा बढ़ जाता है।

खासतौर पर HPV-16, जो जीभ के पीछे और गले के हिस्से में कैंसर बढ़ाता है। यह युवा लोगों में भी तेजी से बढ़ती समस्या है। टेढ़े या नुकीले दांत, गलत फिटिंग वाले डेंचर या बार-बार एक ही जगह पर घाव रहना। लगातार irritation से समय के साथ कैंसर बनने का खतरा बढ़ सकता है। विटामिन की कमी, ज्यादा जंक फूड और खराब ओरल हाइजीन भी खतरा बढ़ाते हैं। 40 साल से ऊपर लोगों में अधिक, लेकिन गलत आदतों से युवा भी प्रभावित हो रहे हैं।

मुंह के कैंसर के शुरुआती लक्षण

शुरुआत में कैंसर बहुत हल्के लक्षण देता है, लेकिन यही समय इलाज के लिए सबसे सही होता है। मुंह में घाव या छाले जो 2 हफ्ते में न भरें, सफेद (Leukoplakia) या लाल (Erythroplakia) चकत्ते, जीभ या गाल में गांठ या मोटापन महसूस होना, मुंह में लगातार जलन या सुन्नपन, चबाने, बोलने या निगलने में परेशानी, बिना वजह मुंह से खून आना, गर्दन में गांठें या सूजन इनमें से एक भी लक्षण लंबे समय तक रहे तो दंत चिकित्सक या डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

कैसे होता है मुंह के कैंसर का पता?

डॉक्टर मुंह और गर्दन की जांच करते हैं। संदेह होने पर बायोप्सी यानी टिश्यू का छोटा सैंपल लेकर जांच की जाती है। CT, MRI या PET स्कैन से कैंसर कितना फैला है, यह पता चलता है। स्टेजिंग के बाद इलाज तय होता है।

इलाज कैसे किया जाता है?

इसका इलाज कई तरीकों से हो सकता है। सबसे पहला है सर्जरी, ट्यूमर काटकर निकालना। रेडिएशन से सर्जरी के बाद बचे कैंसर सेल्स को खत्म करना। कीमोथेरेपी या इम्यूनोथेरेपी से जब कैंसर ज्यादा फैला हो। साथ ही, तंबाकू और शराब छोड़ना, अच्छा खानपान और ओरल हाइजीन जरूरी है।

बचाव कैसे करें? (सबसे आसान उपाय)

अगर आप इससे बचाव करना चाहते हैं तो तंबाकू किसी भी रूप में न लें। शराब का सेवन कम करें या छोड़ दें। HPV वैक्सीन लगवाना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। होंठों पर सनस्क्रीन लगाएं, धूप से बचें। हर 6 महीने में दांतों की जांच करवाएं। मुंह में कोई भी घाव, सफेद-लाल पैच या गांठ दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। फल, सब्जियां और पानी ज्यादा लें। ये मुंह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
24 Nov 2025 08:58 am
Published on:
24 Nov 2025 08:58 am
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