Bell's Palsy Disease: महाराष्ट्र के मंत्री और NCP नेता धनंजय मुंडे ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया है कि वे उन्हें बेल्स पाल्सी नामक एक न्यूरोलॉजिकल डिजीज है। इसमें उनकी बोलने की क्षमता पर असर पड़ता है। ऐसे में जानिए इस बेल्स पाल्सी नामक के बारे में।
Bell's Palsy Disease: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री धनंजय मुंडे ने गुरुवार को बताया कि वे बेल्स पाल्सी नामक बीमारी से पीड़ित है। इससे उनकी बोलने की क्षमता प्रभावित हो गई है। यह बीमारी चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनती है। यह तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी और असंतुलन आ जाता है। यह स्थिति अचानक होती है और इसका प्रभाव सामान्य रूप से चेहरे के एक तरफ होता है, जिससे व्यक्ति को बात करने, खाने, और यहां तक कि मुस्कराने में परेशानी हो सकती है।
धनंजय मुंडे ने सोशल मीडिया पर लोगों को बताया कि वह दो मिनट से ज्यादा ठीक से बोल नहीं पाते हैं, जिससे कैबिनेट मीटिंग और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी बाधित होती है। मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को भरोसा दिलाया कि वह अपनी बीमारी से उबरने और जल्द से जल्द सार्वजनिक सेवा में लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बेल्स पाल्सी बीमारी एक तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकार है, जो आमतौर पर चेहरे की तंत्रिका (फेसियल नर्व) पर प्रभाव डालता है। यह स्थिति चेहरे की मांसपेशियों को प्रभावित करती है और चेहरे की एक तरफ़ लटकने जैसी स्थिति पैदा कर देती है। इस बीमारी में व्यक्ति का चेहरा असमर्थ हो जाता है और उसे मुस्कुराने, आंखों को बंद करने, या मुंह से सही तरह से बोलने में परेशानी होती है। यह बीमारी अचानक होती है और इसके लक्षण कुछ दिन के भीतर तेज हो सकते हैं।
बेल्स पाल्सी बीमारी के कारणों को पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है, लेकिन यह माना जाता है कि यह बीमारी चेहरे की तंत्रिका (फेसियल नर्व) में सूजन के कारण होती है। इस सूजन के कारण चेहरे की मांसपेशियों को संकेत भेजने वाली तंत्रिका को क्षति पहुँचती है, जिससे चेहरे की मांसपेशियाँ ठीक से काम नहीं करतीं।
अच्छी खबर यह है कि बेल्स पाल्सी बीमारी आमतौर पर घातक नहीं होती। अधिकांश लोग इसका इलाज कराने के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, यह बीमारी व्यक्ति के चेहरे की मांसपेशियों को अस्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है, लेकिन समय के साथ अधिकतर मामलों में मांसपेशियाँ ठीक हो जाती हैं। यह बीमारी अधिकतर एक से दो महीने में खुद ठीक हो जाती है। हालांकि, कुछ मामलों में लोगों को दीर्घकालिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे चेहरे की मांसपेशियों का स्थायी रूप से कमजोर होना।
बेल्स पाल्सी बीमारी का उपचार आमतौर पर दवाओं और फिजियोथेरेपी द्वारा किया जाता है। इलाज में शामिल हो सकते हैं
स्टेरॉयड्स: दवाएं जैसे पेडियनोस्टेरोन या बॉयलियू क्लीवराइट चेहरे की तंत्रिका की सूजन को कम करने में मदद कर सकती हैं।
एंटीवायरल दवाएं: यदि यह बीमारी वायरल संक्रमण के कारण हो रही हो, तो डॉक्टर एंटीवायरल दवाओं की सलाह दे सकते हैं।
फिजियोथेरेपी: चेहरे की मांसपेशियों को मजबूत करने और पुनः कार्यशील बनाने के लिए फिजियोथेरेपी दी जा सकती है।
दर्द निवारक दवाएं: दर्द और सूजन को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाएं भी दी जा सकती हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।