New Wetland virus in China : चीन हमेशा से ही वायरस का गढ़ रहा है। ज्यादातर वायरस चीन से ही आगमन करते हुए नजर आते हैं। चीन ने अब कोरोना के बाद एक और वायरस का पता लगाया जो सीधा मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दे दी कोरोना वायरस का जन्मदाता भी चीन को ही माना जाता है जिसने पुरी दुनिया आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा दिया था। अब चीन ने एक और वायरस खोजा है।
NewWetland virus in China : चीन हमेशा से ही वायरस का गढ़ रहा है। ज्यादातर वायरस चीन से ही आगमन करते हुए नजर आते हैं। चीन ने अब कोरोना के बाद एक और वायरस का पता लगाया जो सीधा मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है। आपको बता दे दी कोरोना वायरस का जन्मदाता भी चीन को ही माना जाता है जिसने पुरी दुनिया आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा दिया था। अब चीन ने एक और वायरस खोजा है। वेटलैंड वायरस (Wetland virus) नाम का यह वायरस सबसे पहले जून 2019 में चीन के जिनझोउ प्रांत में पाया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि व्यक्ति वेस्टलैंड के एक पार्क में गया था, जहाँ उसे यह वायरस हुआ।
4 सितंबर 2019 को एक रिपोर्ट द्वारा जानकारी दी गई थी कि इनर मंगोलिया के वेटलैंड पार्क में एक मरीज को टिक के काटने के बाद बुखार और शिथिलता की स्थिति में भर्ती कराया गया था। वैज्ञानिकों ने बताया कि रोगी में अज्ञात ऑर्थोनेरोवायरस का संक्रमण हुआ था जो बाद में वेटलैंड वायरस (WELV) के नाम से जाना गया।
रिपोर्ट के अनुसार, रिवर्स-ट्रांसक्रिपटेस-पॉलीमरेज़-चेन-रिएक्शन परख के माध्यम से इनर मंगोलिया, हेइलोंगजियांग, जिलिन और लिओनिंग, चीन के 17 रोगियों में तीव्र WELV संक्रमण की पहचान की गई। ये सभी रोगी वे थे जो उसी पार्क में गए थे या जिन्होंने संक्रमित व्यक्ति में डॉक्टरों द्वारा पाए गए लक्षणों के बारे में शिकायत की थी।
हालांकि वेटलैंड वायरस (Wetland virus) सभी रोगियों में एक जैसे लक्षण नहीं दिखे, लेकिन वैज्ञानिकों ने लगभग सभी में बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, अस्वस्थता, मांसपेशियों में दर्द, गठिया और पीठ दर्द जैसी सामान्य शिकायतें थीं। कुछ में पेटीचिया भी था - त्वचा या श्लेष्म झिल्ली पर दिखाई देने वाले छोटे, गोल, लाल या बैंगनी धब्बे - और स्थानीयकृत लिम्फैडेनोपैथी - एक ऐसी स्थिति जिसमें सूजे हुए लिम्फ नोड्स शरीर के केवल एक क्षेत्र में पाए जाते हैं, जैसे गर्दन या बगल।
हालांकि, एक अजीब मामला मिला डॉक्टरों को जिसमें एक मरीज में न्यूरोलॉजिक लक्षण पाए गए थे। और रिपोर्ट के अनुसार, "सामान्य प्रयोगशाला निष्कर्ष ने लक्षणों में ल्यूकोपेनिया, थ्रोम्बोसाइटोपेनिया, ऊंचा डी-डिमर और लैक्टेट डिहाइड्रोजनेज का स्तर पाया। जो स्वास्थ्य लाभ-अवस्था के नमूनों के सीरोलॉजिकल मूल्यांकन से मिले। WELV-विशिष्ट एंटीबॉडी टिटर जिनकी मात्रा 4 गुना अधिक थी तीव्र-चरण के नमूनों की तुलना में, 8 रोगियों से प्राप्त किए गए स्वास्थ्य लाभ-अवस्था के नमूनों के सीरोलॉजिकल मूल्यांकन ने बताया।
इसके अतिरिक्त, अध्ययन ने भी जोर दिया कि वायरस- WELV RNA- पांच टिक प्रजातियों और भेड़, घोड़े, सूअर और ट्रांसबाइकल ज़ोकर्स (मायोस्पालैक्स साइलुरस) में पाया गया था। सभी नमूने चीन के उत्तरपूर्वी क्षेत्र से एकत्र किए गए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्दियों और टिकों से अलग किए गए वायरस ने प्राइमेट गर्भनाल शिरा एंडोथेलियल कोशिकाओं में साइटोपैथिक प्रभाव दिखाया। BALB/c, C57BL/6 और कुनमिंग चूहों में वायरस के इंट्रापेरिटोनियल इंजेक्शन के परिणामस्वरूप घातक संक्रमण हुआ। हेमाफिसालिस कॉन्सिना टिक, जो इस वायरस को ट्रांसओवरियल रूप से संचारित कर सकता है, एक संभावित वेक्टर है।