स्वास्थ्य

Pollution से सिर्फ फेफड़े नहीं, अब आपकी हड्डियां भी खतरे में, नई स्टडी में बड़ा खुलासा! जानें कैसे करें बचाव

Pollution and Arthritis: ठंड और प्रदूषण मिलकर जोड़ो के दर्द को कैसे बढ़ाते हैं? जानें डॉक्टरों की राय, कारण, बढ़ते मामले और बचाव के आसान तरीके।
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Nov 24, 2025
Pollution and Arthritis
Pollution and Arthritis (Photo- gemini ai)

Pollution and Arthritis: जैसे-जैसे दिल्ली एनसीआर में ठंड बढ़ती है और हवा में धुंध व प्रदूषण जमने लगता है, वैसे-वैसे डॉक्टरों के पास जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस से परेशान मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगती है। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो महीनों में ऐसे मरीजों की संख्या में साफ बढ़ोतरी हुई है। वजह है ठंडी हवा खराब एयर क्वालिटी का खतरनाक कॉम्बिनेशन।

एक 2025 की स्टडी (European Medical Journal) के मुताबिक, लंबे समय तक PM2.5 जैसे महीन कणों के संपर्क में रहने से आर्थराइटिस का खतरा 12-18% तक बढ़ जाता है। ऐसे में दिल्ली जैसी जगह, जहां सर्दी के साथ स्मॉग भी आम है, जोड़ों की समस्याएं और बढ़ सकती हैं।

ठंड में जोड़ों में दर्द क्यों बढ़ जाता है?

सर्दी पड़ते ही शरीर के मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है। इससे जोड़ों में जकड़न और कठोरता बढ़ती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से आर्थराइटिस (Osteoarthritis) या Rheumatoid Arthritis है। कई लोग बताते हैं कि सुबह उठते ही या देर रात में दर्द ज्यादा महसूस होता है, क्योंकि इन समयों में तापमान सबसे कम होता है।

प्रदूषण कैसे खराब करता है जोड़ों की हालत?

यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि हवा में मौजूद PM2.5 कण सिर्फ फेफड़ों को नहीं, बल्कि पूरे शरीर में inflammation (सूजन) बढ़ाते हैं। स्टडी के अनुसार PM2.5 खून में पहुंचकर CRP लेवल बढ़ाते हैं, शरीर में सूजन बढ़ती है। पहले से खराब joints और ज्यादा खराब हो जाते हैं। जब ठंड और प्रदूषण दोनों एक साथ आते हैं, तब जोड़ों का दर्द कई गुना बढ़ जाता है। सर्दी के दिनों में लोग कम बाहर निकलते हैं, कम चलते हैं और ज्यादातर समय बैठकर बिताते हैं।

डॉक्टरों का कहना: मरीजों की संख्या बढ़ी

डॉक्टर अरविंद मेहरा के मुताबिक हम पिछले कुछ हफ्तों में आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द वाले मरीजों में साफ बढ़ोतरी देख रहे हैं। ठंड से ब्लड फ्लो कम होता है और प्रदूषण शरीर में सूजन बढ़ाता है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है।” वे सलाह देते हैं कि मरीज खुद को गर्म रखें, हल्की एक्सरसाइज जारी रखें और लक्षण बढ़ें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। एक और रिसर्च (Rheumatology Journal) बताती है कि सामान्य दिखने वाले प्रदूषण स्तर भी RA मरीजों में flare-ups बढ़ा सकते हैं।

प्रदूषित इलाकों में healing भी धीमी होती है

Max Healthcare के डॉक्टर साइमन थॉमस बताते हैं “PM2.5 कण सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहते। ये खून में घुसकर पूरे शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं। हमने देखा है कि प्रदूषण वाले इलाकों में जोड़ों की सर्जरी के बाद ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।”

जोड़ों के दर्द में क्या करें? (डॉक्टरों की सलाह)

AQI देखें और प्रदूषित दिनों में कम से कम बाहर जाएं। हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग और एक्सरसाइज करते रहें। घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें, खासकर रात में। शरीर को गर्म रखें घुटनों की टोपी, मोजे, शॉल जरूर पहनें। अगर दर्द या सूजन बढ़े तो डॉक्टर से तुरंत चेकअप कराएं।

Updated on:
24 Nov 2025 10:02 am
Published on:
24 Nov 2025 10:02 am