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Barotrauma: कान बंद होने से लेकर सांस फूलने तक, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया बैरोट्रॉमा से शरीर में हो सकते हैं ये बदलाव

Barotrauma Cause: हवाई सफर या ड्राइविंग के दौरान कान बंद होना या सांस फूलना बैरोट्रॉमा हो सकता है! क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) और हार्वर्ड हेल्थ (Harvard Health) के मुताबिक, जानिए हवा के दबाव में बदलाव से होने वाली इस समस्या के लक्षण व बचाव के तरीके।
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 26, 2026

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ड्राइविंग के दौरान कान बंद होना या सांस क्यों फूलता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Barotrauma Symptoms: क्या आपने कभी हवाई जहाज में टेक-ऑफ या लैंडिंग के दौरान अचानक कान में भारीपन या दर्द महसूस किया है? या पहाड़ की ऊंची चढ़ाई चढ़ते वक्त कान एकदम से बंद से लगे हैं? हममें से ज्यादातर लोग इसे आम बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस में इसे बैरोट्रॉमा (Barotrauma) कहा जाता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, बैरोट्रॉमा तब होता है जब हमारे शरीर के अंदर मौजूद हवा का दबाव और बाहर के माहौल का एयर प्रेशर आपस में मैच नहीं कर पाता। यह कोई मामूली खिंचाव नहीं है। अगर हवा का दबाव बहुत तेजी से बदले, तो यह आपके कान, फेफड़ों और साइनस को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि बैरोट्रॉमा क्या है, यह क्यों होता है और शरीर में इसके क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं।

आखिर क्या होता है यह Barotrauma?

हार्वर्ड हेल्थ (Harvard Health) अनुसार, हमारे शरीर में कुछ खाली हिस्से होते हैं जहां हवा भरी रहती है जैसे कान का अंदरूनी हिस्सा, नाक के आसपास के साइनस और हमारे फेफड़े। जब आप अचानक बहुत ऊंचाई पर जाते हैं (जैसे प्लेन में उड़ना) या पानी की गहराई में जाते हैं (जैसे स्कूबा डाइविंग करना), तो बाहर का वायुमंडलीय दबाव (Air Pressure) बहुत तेजी से बदलता है। हमारे कान के अंदर यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian tube) नाम की एक पतली नली होती है, जो कान के अंदर और बाहर के दबाव को बराबर बनाए रखने का काम करती है। लेकिन जब बाहरी दबाव अचानक बदलता है और यह नली सही समय पर प्रेशर को बैलेंस नहीं कर पाती, तो शरीर के नाजुक टिश्यूज में खिंचाव आ जाता है। इसी दबाव से होने वाली चोट या तकलीफ को बैरोट्रॉमा कहते हैं।

शरीर के किन हिस्सों पर पड़ता है इसका असर?

1.कान का बैरोट्रॉमा (Ear Barotrauma)- यह सबसे आम है। हवाई जहाज में सफर करते वक्त या पहाड़ पर गाड़ी चलाते समय कान अचानक बंद हो जाते हैं, भारी लगने लगते हैं या उनमें तेज दर्द होने लगता है।

2. साइनस का बैरोट्रॉमा (Sinus Barotrauma)- चेहरे की हड्डियों के पीछे मौजूद हवा की थैलियों पर दबाव पड़ने से माथे, आंखों के आसपास और गालों की हड्डियों में बहुत तेज दर्द या खिंचाव महसूस होता है।

3. फेफड़ों का बैरोट्रॉमा (Pulmonary Barotrauma)- यह समस्या सबसे ज्यादा स्कूबा डाइविंग करने वालों में देखी जाती है। पानी के बहुत अंदर जाकर अचानक ऊपर आने पर फेफड़ों की हवा बहुत तेजी से फैलती है, जिससे फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और सांस लेने में भारी तकलीफ हो सकती है।

बैरोट्रॉमा के मुख्य लक्षण

  • कान बंद होना या भारीपन।
  • तेज कान दर्द और सुनने में दिक्कत।
  • सांस फूलना और छाती में दर्द
  • चक्कर आना और संतुलन बिगड़ना (Vertigo)।
  • नाक या कान से खून आना।

किन स्थिति में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है?

  • हवाई जहाज में यात्रा करते समय (टेक-ऑफ और लैंडिंग के वक्त)।
  • स्कूबा डाइविंग या गहरे पानी में गोताखोरी करते समय।
  • पहाड़ी इलाकों में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाकर ऊपर जाने या नीचे आने पर।
  • लिफ्ट में बहुत तेजी से कई मंजिलें ऊपर-नीचे होने पर।
  • अगर आपको पहले से ही सर्दी-जुकाम, एलर्जी या साइनस।

बैरोट्रॉमा से बचने के उपाय

  • उबासी लें।
  • चुइंग गम चबाएं या टॉफी चूसें।
  • वलसाल्वा तकनीक (Valsalva Maneuver)।
  • जुकाम में हवाई सफर से बचें।

डॉक्टर से संपर्क कब करें?

सफर खत्म होने के काफी देर बाद भी अगर कान का दर्द ठीक न हो, कान से तरल पदार्थ या खून बहने लगे, सुनने की ताकत कम हो जाए, या फिर सांस फूलने लगे, तो इसे मामूली समझकर बिल्कुल न छोड़ें। तुरंत किसी ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ या डॉक्टर को दिखाएं। सही समय पर ध्यान देने से कान और फेफड़ों को किसी बड़े नुकसान से आसानी से बचाया जा सकता है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।