Obesity can increase the risk of cancer, : एक नई स्टडी में पाया गया है कि करीब आधे (लगभग 50%) कैंसर के मामले मोटापे से जुड़े हो सकते हैं। ये नतीजे यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी में पेश किए गए थे।
एक नई स्टडी में पाया गया है कि करीब आधे (लगभग 50%) कैंसर के मामले मोटापे (Obesity) से जुड़े हो सकते हैं। ये नतीजे यूरोपियन कांग्रेस ऑन ओबेसिटी में पेश किए गए थे।
स्वीडन के माल्मो में लुंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन में 40 सालों तक लगभग 41 लाख लोगों को शामिल किया गया। इस दौरान उनकी शारीरिक बनावट और जीवनशैली पर नज़र रखी गई।
शोधकर्ताओं ने 32 तरह के कैंसर और मोटापे (Obesity) के बीच संबंध पाया। अध्ययन में कैंसर के 3 लाख 32 हज़ार 500 मामले सामने आए।
अध्ययन में पाया गया कि बॉडी मास इंडेक्स (BMI) में हर 5 अंक की वृद्धि के साथ पुरुषों में कैंसर का खतरा 24% और महिलाओं में 12% बढ़ जाता है।
स्टडी के मुताबिक मोटापा (Obesity) कई तरह के कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है, जिनमें स्तन कैंसर, पेट का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, अग्नाशय का कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर शामिल हैं। मोटापे और कैंसर के बीच का संबंध जटिल है और इसमें शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव शामिल होते हैं।
लैंसेट में प्रकाशित हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत में महिलाओं में पेट का मोटापा 40% और पुरुषों में 12% पाया गया। 30 से 49 साल की उम्र वाली 10 में से 5-6 महिलाएं पेट के मोटापे की शिकार हैं। उम्र बढ़ने के साथ, शहरों में रहने वाली, आर्थिक रूप से संपन्न और मांसाहारी महिलाओं में पेट का मोटापा ज्यादा पाया गया। वहीं सिख समुदाय में महिलाओं और पुरुषों दोनों में इसका खतरा ज्यादा है। गौर करने वाली बात ये है कि गांवों में भी मोटापा बढ़ रहा है और अब समाज के गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों में भी ये फैल रहा है।
मोटापा जीन, वातावरण, आदतों और सामाजिक-आर्थिक स्थिति जैसी कई चीजों से मिलकर होता है। जेनेटिक चीजें भी भूमिका निभाती हैं, क्योंकि कुछ खास जीन मेटाबॉलिज्म, भूख और शरीर में चर्बी जमा होने को प्रभावित करते हैं।
इसके अलावा खाने का वातावरण, स्वस्थ भोजन तक पहुंच, आसपास का वातावरण और सामाजिक नियम भी मोटापे को प्रभावित करते हैं।