Period Pain Reason: पीरियड्स के पहले दिन पेट दर्द ज्यादा क्यों होता है और तीसरे-चौथे दिन कम क्यों हो जाता है? जानिए हार्मोन, प्रोस्टाग्लैंडिन और ब्लड फ्लो से जुड़ी आसान जानकारी।
Period Pain Reason: पीरियड्स का पहला दिन कई महिलाओं के लिए सबसे मुश्किल होता है। पेट में तेज दर्द, भारीपन, कमर दर्द, जी मिचलाना या कभी-कभी ढीला पेट भी हो जाता है। उस दिन रोजमर्रा के छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लगने लगते हैं। लेकिन जैसे-जैसे तीसरा या चौथा दिन आता है, दर्द कम होने लगता है और शरीर थोड़ा सामान्य महसूस करने लगता है।
पीरियड्स शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे हार्मोन कंट्रोल करते हैं। पीरियड शुरू होने से ठीक पहले शरीर में दो मुख्य हार्मोन एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन अचानक कम हो जाते हैं। इससे शरीर को संकेत मिलता है कि अब गर्भाशय (यूटेरस) की अंदरूनी परत बाहर निकलनी है। इस परत को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय सिकुड़ता है, यानी उसमें तेज संकुचन होते हैं और यही संकुचन दर्द या क्रैम्प्स का कारण बनते हैं।
पहले दिन शरीर में प्रोस्टाग्लैंडिन नाम के केमिकल सबसे ज्यादा बनते हैं। ये गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करते हैं ताकि उसकी परत जल्दी बाहर निकल सके। जितना ज्यादा प्रोस्टाग्लैंडिन, उतने ज्यादा और तेज संकुचन यानी उतना ज्यादा दर्द। जब 1-2 दिन में ज्यादा हिस्सा निकल जाता है, तो ये केमिकल कम बनने लगते हैं और दर्द भी कम हो जाता है।
पीरियड्स के पहले और दूसरे दिन ब्लीडिंग सबसे ज्यादा होती है। ज्यादा ब्लीडिंग को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। जब चौथे दिन तक फ्लो कम हो जाता है, तो दर्द भी कम हो जाता है।
तेज संकुचन के कारण गर्भाशय की मांसपेशियों तक खून और ऑक्सीजन थोड़ी देर के लिए कम पहुंचती है। इससे तेज और धड़कता हुआ दर्द महसूस होता है। जब संकुचन कम हो जाते हैं, तो ब्लड फ्लो सामान्य हो जाता है और आराम मिलता है।
उच्च प्रोस्टाग्लैंडिन सिर्फ पेट दर्द ही नहीं, बल्कि जी मिचलाना, सिर दर्द, कमर दर्द, पैरों तक दर्द भी पैदा कर सकते हैं। तीसरे या चौथे दिन ये लक्षण भी कम होने लगते हैं।
हल्का-मध्यम दर्द सामान्य है, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, उल्टी या चक्कर आए, हर साल दर्द बढ़ता जाए, बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, पेनकिलर से भी आराम न मिले तो डॉक्टर से जरूर मिलें। यह एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉइड जैसी समस्या हो सकती है।