
Peripheral Neuropathy Warning Signs Hindi: जब भी किसी को डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी होती है, तो सब यही सोचते हैं कि भाई मीठा मत खाओ या टाइम पर इंसुलिन ले लो। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर खून में शुगर हमेशा बढ़ी रहे, तो यह हमारे हाथ और पैर की नसों को अंदर ही अंदर खोखला कर सकती है। इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी (Peripheral Neuropathy) कहते हैं।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, शुगर (डायबिटीज) के मरीजों में से आधे से ज्यादा लोगों की नसें किसी न किसी तरह से जरूर कमजोर या खराब हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि ये क्या होता है और शुगर बढ़ने से नसें कैसे प्रभावित होती है?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पेरिफेरल न्यूरोपैथी का मतलब है हमारे दिमाग और रीढ़ की हड्डी को छोड़कर, शरीर के बाकी हिस्सों (जैसे हाथ, पैर और अंगों) की नसों में खराबी आ जाना। यह किसी चोट, इन्फेक्शन या फिर परिवार में पहले से किसी को यह बीमारी होने की वजह से हो सकता है। इसके लक्षण हर इंसान में अलग-अलग दिखते हैं। राहत की बात यह है कि इसके ज्यादातर कारणों और लक्षणों का इलाज मुमकिन है, बस हर मरीज पर दवाइयों का असर थोड़ा अलग हो सकता है।
हमारे पूरे शरीर में नसों का एक जाल है, जो दिमाग तक खबर पहुंचाता है कि शरीर में कहां क्या हो रहा है। जब किसी का शुगर लेवल हमेशा हाई रहता है, तो यह बढ़ा हुआ शुगर उन पतली-पतली खून की नलियों को खराब करने लगता है जो नसों तक खून पहुंचाती हैं। अब जब नसों को सही से खून, ऑक्सीजन और ताकत नहीं मिलेगी, तो वो धीरे-धीरे कमजोर होने लगेंगी और सूख जाएंगी। बस यही वजह है कि नसें काम करना बंद कर देती हैं और दिमाग तक सही सिग्नल नहीं पहुंच पाते।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।