Potassium Salt Benefits: क्या आपको सामान्य नमक की जगह पोटैशियम नमक इस्तेमाल करना चाहिए? जानिए इसके फायदे, किसे फायदा होगा और किन लोगों को सावधान रहना चाहिए।
Potassium Salt Benefits: आजकल भारत में दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर (BP) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी एक बड़ी वजह है हमारी डाइट में ज्यादा नमक (सोडियम) का इस्तेमाल। अब डॉक्टर एक आसान बदलाव सुझा रहे हैं, साधारण नमक की जगह पोटैशियम वाला नमक अपनाना।
यह एक तरह का लो-सोडियम नमक होता है, जिसमें करीब 70-75% सोडियम क्लोराइड और 25-30% पोटैशियम क्लोराइड होता है। इसका स्वाद लगभग सामान्य नमक जैसा ही होता है, लेकिन यह शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
Indian Council of Medical Research और National Institute of Nutrition के मुताबिक, एक भारतीय रोजाना औसतन 8-11 ग्राम नमक खाता है, जबकि World Health Organization की सलाह है कि यह मात्रा 5 ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ज्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम बढ़ता है, जो ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी का बड़ा कारण बनता है।
दिल्ली के The George Institute for Global Health के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Vivekanand Jha के अनुसार, “भारत में ज्यादा सोडियम और कम पोटैशियम का सेवन हाई BP और दिल की बीमारी का बड़ा कारण है। पोटैशियम नमक इस समस्या को बैलेंस करता है।” रिसर्च जर्नल Hypertension Journal के अनुसार कम सोडियम से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है। पोटैशियम ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करता है। दिल की धड़कन और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
Salt Substitution and Stroke Study (New England Journal of Medicine) में भी पाया गया कि पोटैशियम नमक से स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा कम हो सकता है।
हर किसी के लिए यह नमक सही नहीं है। खासकर किडनी की बीमारी (CKD) वाले लोग जो BP की कुछ खास दवाइयां ले रहे हैं। इन मामलों में ज्यादा पोटैशियम नुकसान भी कर सकता है, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।