
Pregnancy Complications: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, इसलिए इस समय सेहत का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। इस दौरान कुछ ऐसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी के दौरान किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में करीब 16 से 24 हफ्ते के बीच बच्चे की मूवमेंट महसूस होना शुरू हो सकती है। इसके बाद अगर बच्चे की सामान्य मूवमेंट में अचानक कमी या बदलाव महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह की वेजाइनल ब्लीडिंग होने पर मेडिकल सलाह लेना जरूरी है। हर बार ब्लीडिंग किसी गंभीर परेशानी का संकेत नहीं होती, लेकिन इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान मूड में बदलाव और अलग अलग भावनाएं महसूस होना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर तनाव, एंग्जायटी या उदासी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे तो मदद लेना जरूरी है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) भी प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा चिंता या उदासी को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में सिरदर्द हो सकता है, लेकिन बहुत तेज सिरदर्द कभी कभी प्रीएक्लेम्पसिया जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। अगर सिरदर्द लगातार बना हुआ है या बहुत ज्यादा तेज है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान अचानक धुंधला दिखाई देना या आंखों के सामने फ्लैश जैसी रोशनी दिखना प्रीएक्लेम्पसिया का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में अचानक चेहरे, हाथ, पैर या पैरों में ज्यादा सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह प्रीएक्लेम्पसिया या कुछ मामलों में ब्लड क्लॉट जैसी समस्या से जुड़ा हो सकता है। इसलिए अचानक आई सूजन की जांच करवाना जरूरी है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में हल्का पेट दर्द कई कारणों से हो सकता है और हर बार यह गंभीर समस्या नहीं होती। लेकिन अगर दर्द तेज है या आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होता है तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर पेट दर्द के साथ ब्लीडिंग, नियमित ऐंठन, कमर दर्द, बुखार, ठंड लगना, असामान्य डिस्चार्ज या पानी जैसा फ्लूइड निकलने जैसी परेशानी हो तो तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत हो सकती है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में खासकर समय बढ़ने के साथ सांस फूलना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर अचानक सांस लेने में परेशानी शुरू हो जाए, लेटने पर सांस फूलने लगे या इसके साथ सीने में दर्द या चक्कर आएं तो इसे तुरंत चेक करवाना चाहिए।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में 38 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा तापमान बुखार माना जाता है और यह किसी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। वहीं, बहुत ज्यादा उल्टी होने पर भी डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा और लगातार उल्टी से शरीर में पानी की कमी और वजन कम होने जैसी परेशानी हो सकती है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में वेजाइनल डिस्चार्ज बढ़ना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर वेजाइना से पानी जैसा फ्लूइड लीक हो रहा है या डिस्चार्ज के रंग या गंध में बदलाव हुआ है तो डॉक्टर से बात करनी चाहिए। पानी जैसा फ्लूइड लीक होना लेबर शुरू होने का संकेत भी हो सकता है।
ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, प्रेग्नेंसी में त्वचा में खिंचाव के कारण खुजली हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में खुजली लिवर से जुड़ी एक समस्या इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस ऑफ प्रेग्नेंसी (ICP) का संकेत हो सकती है। इसलिए अगर खुजली ज्यादा हो या आपको इसके कारण की चिंता हो तो डॉक्टर से सलाह लें।