स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए किसी कमरे में रातभर हीटर (Room heater for baby health) का उपयोग करना सुरक्षित नहीं है।
Room heater for baby health: जब सर्दी इतनी तेज हो और हम रूम हीटर का उपयोग नहीं कर ऐसा हो ही नहीं सकता। कई लोगों की ऐसी आदत है कि वे ठंड के दिनों में दिनभर रूम हीटर के सामने ही बैठे रहते हैं। लेकिन क्या आपको पता है यह हमारी सेहत के लिए खतरनाक है। इससे आपको दम घुटने की समस्या भी हो सकती है। रूम हीटर विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए हानिकारक हो सकता है। नवजात शिशुओं के लिए यह अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि कमरे में हीटर का उपयोग किया जा रहा है, तो बच्चों को उससे यथासंभव दूर रखा जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए किसी कमरे में रातभर हीटर (Room heater for baby health) का उपयोग करना सुरक्षित नहीं है। ब्लोअर और हीटर से हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखी हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा में संक्रमण, नाक और कान में खुजली, और नाक से खून आने की समस्या हो सकती है।
नवजात शिशुओं के कमरे में रूम हीटर (Room heater for baby health) के उपयोग पर pubmed.ncbi.nlm.nih.gov में प्रकाशित एक अध्ययन में जानकारी दी गई है। इस अध्ययन के अनुसार, जिन शिशुओं के कमरे में हीटर का उपयोग किया गया, उनमें से 88% में खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसी समस्याएं पाई गईं। इसलिए, बच्चों के कमरे में रूम हीटर का उपयोग सीमित समय के लिए करना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक इसका उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
डॉक्टर्स का कहना है कि ऐसे पैरेंट्स, जो घर में जन्मे बच्चे के कमरे को गर्म करने के लिए हीटर (Room heater for baby health) चला रहे हैं, उन्हें बीच-बीच में इसे बंद करते रहना चाहिए. हीटर या ब्लोअर को हमेशा बच्चे से दूर रखना चाहिए. जब कमरा गर्म हो जाए तो इसे बंद कर देना चाहिए. इससे ठंड भी नहीं लगेगी, मां और बच्चा भी सुरक्षित रहेंगे.
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।