
Eye Rubbing Habit Effect: क्या आप भी सुबह सोकर उठते ही सबसे पहले अपनी आंखें मलते हैं? या फिर दिनभर स्क्रीन के सामने बैठते-बैठते जब थकावट होती है, तो आंखों को जोर से मसलने में एक अजीब सा सुकून मिलता है? सच तो यह है कि हममें से ज्यादातर लोग ऐसा अनजाने में ही कर बैठते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अनजानी सी आदत आपकी आंखों की नाजुक पुतली (कॉर्निया) को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकती है? आइए समझते हैं कि आंखें मलने की यह आदत कब तक सामान्य है और कब यह आपकी आंखों के लिए एक गंभीर रेड फ्लैग बन जाती है।
साइंसडायरेक्ट के मुताबिक, जब हम अपनी आंखें मलते हैं, तो आंख के गोलक (आंखों की पुतली) पर हल्का दबाव पड़ता है। इस दबाव से 'ओकुलोकार्डिएक रिफ्लेक्स' (Oculocardiac reflex) सक्रिय होता है, जो हमारी दिल की धड़कन को थोड़ा धीमा कर देता है और वेगस नर्व को शांत करता है। इसी वजह से आंखें मसलते ही हमें तुरंत एक सुखद और राहत भरा अहसास होता है। इसके अलावा, आंखें मलने से आंसुओं की ग्रंथियां सक्रिय हो जाती हैं, जिससे सूखी आंखों को नमी मिलती है और अंदर फंसी धूल-मिट्टी बाहर निकलने लगती है। लेकिन यही तात्कालिक राहत आगे चलकर एक बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है।
हेल्थलाइन के अनुसार, आंखें बहुत ही नाजुक ऊतकों (tissues) से बनी होती हैं। बार-बार और जोर-जोर से आंखें मलने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं;
अगर आंखें मलने की आदत के साथ-साथ आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से संपर्क करें;