
बिना किसी चोट के कोहनी में दर्द होना कई बार गलत पोस्चर या टेंडिनाइटिस का संकेत हो सकता है, जिसे समय पर पहचानना जरूरी है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Elbow Pain Cause: जब भी हमारे शरीर में दर्द होता है, तो सबसे पहले यही खयाल आता है कि शायद कहीं चोट लगी होगी या मोच आ गई होगी। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि बिना किसी दुर्घटना या चोट के भी अचानक कोहनी में दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है? कई लोग इस दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, यह सोचकर कि यह अपने आप ठीक हो जाएगा। मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट्स के अनुसार, कोहनी का दर्द सिर्फ किसी बाहरी चोट या फ्रैक्चर की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे हमारी रोजमर्रा की आदतें, मांसपेशियों की खिंचाव और कई अंदरूनी स्वास्थ्य समस्याएं भी जिम्मेदार हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि बिना चोट लगे कोहनी में दर्द होने के कौन-कौन से मुख्य कारण हो सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, बिना चोट के कोहनी में दर्द होने का यह सबसे आम कारणों में से एक है। इसे मेडिकल भाषा में लेटरल एपिकॉन्डिलाइटिस (Lateral Epicondylitis) कहा जाता है। जरूरी नहीं कि यह सिर्फ टेनिस खेलने वालों को ही हो। बार-बार एक ही तरह के हाथ या कलाई के मूवमेंट करने से (जैसे घर की साफ-सफाई करना, कंप्यूटर पर ज्यादा देर काम करना, या कोई भारी औजार पकड़ना) कोहनी के टेंडन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वहां सूजन और दर्द शुरू हो जाता है।
कोहनी की नोक पर एक छोटी सी फ्लुइड से भरी थैली होती है जिसे 'बर्सा' (Bursa) कहते हैं। इसका काम हड्डियों और मांसपेशियों के बीच घर्षण को कम करना है। जब इस थैली में किसी वजह से सूजन आ जाती है, तो इसे बर्साइटिस कहते हैं। कोहनी को बहुत देर तक किसी कठोर सतह पर टिकाए रखने या लगातार दबाव पड़ने से यह समस्या बिना किसी चोट के भी पैदा हो सकती है, जिससे कोहनी में सूजन और चुभने वाला दर्द महसूस होता है।
हमारी कोहनी के आसपास से बहुत महत्वपूर्ण नसें गुजरती हैं। जब इन नसों पर लंबे समय तक लगातार दबाव या खिंचाव पड़ता है, तो क्युबिटल टनल सिंड्रोम या रेडियल टनल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसकी वजह से कोहनी में दर्द के साथ-साथ उंगलियों में सुन्नपन, झनझनाहट (Tingling) या कमजोरी महसूस होने लगती है। यह अक्सर गलत तरीके से बैठने या हाथ को मोड़ने के कारण होता है।
जोड़ों का दर्द या आर्थराइटिस सिर्फ घुटनों या उंगलियों तक सीमित नहीं है, यह कोहनी को भी प्रभावित कर सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस (जोड़ों की घिसावट) या रीयूमेटाइड आर्थराइटिस (ऑटोइम्यून बीमारी) के कारण कोहनी के कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है। इससे बिना किसी चोट के भी कोहनी में लगातार गहरा दर्द, अकड़न और हाथ मोड़ने में परेशानी होने लगती है।
आजकल की दिनचर्या में लोग घंटों कंप्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा सिलाई करना, बागवानी करना, पेंटिंग करना या किचन में लगातार एक जैसे काम करने से मांसपेशियों और टेंडन्स पर सूक्ष्म तनाव (Micro-trauma) जमा होता रहता है। समय के साथ यह तनाव गंभीर कोहनी दर्द का रूप ले लेता है।
फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पूरे शरीर में मांसपेशियों और ऊतकों में पुराना दर्द और संवेदनशीलता बनी रहती है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को अक्सर बिना किसी स्पष्ट कारण या चोट के कोहनी, कंधे और घुटनों में लगातार सुस्त दर्द और थकान महसूस होती है।
बिना किसी भारी वजन को उठाए भी, यदि अचानक से हाथ की गलत पोजीशन बन जाए या सोते समय हाथ के नीचे ज्यादा दबाव आ जाए, तो कोहनी के आसपास के लिगामेंट्स और नरम ऊतक खिंच जाते हैं। यह मामूली खिंचाव भी कुछ दिनों तक परेशान कर सकता है।
यदि आपकी कोहनी में हल्का दर्द है और यह किसी चोट की वजह से नहीं है, तो आप कुछ शुरुआती कदम उठा सकते हैं;
यदि दर्द एक सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे, हाथ मोड़ने में दिक्कत हो या उंगलियों में सुन्नपन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें। सही समय पर देखभाल और इलाज से इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाया जा सकता है।
Published on:
11 Oct 2026 01:45 pm
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