Seasonal Weather Health Effects: ठंडी सुबह और गर्म दोपहर से इम्युनिटी, ब्लड प्रेशर और सांस की समस्याएं बढ़ सकती हैं। जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं और कैसे रखें खुद को सुरक्षित।
Seasonal Weather Health Effects: क्या आपने नोटिस किया है कि सुबह स्वेटर पहनकर निकलते हैं, लेकिन दोपहर तक गर्मी लगने लगती है? मौसम का ऐसा बदलता मिजाज सीजन बदलने के समय आम बात है। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह बदलाव शरीर पर असर डाल सकता है।
विशेषज्ञ Dr Leeni Mehta बताती हैं कि अचानक तापमान बदलने से शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है। हमारा शरीर हमेशा अंदर का तापमान स्थिर रखने की कोशिश करता है। लेकिन जब सुबह ठंड और दोपहर गर्म हो, तो शरीर को बार-बार एडजस्ट करना पड़ता है। इससे इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो सकती है और थकान या बेचैनी महसूस हो सकती है।
ठंडी सुबह और कम नमी (humidity) नाक और गले को सूखा बना देती है। जब सांस की नली सूख जाती है तो उसका प्राकृतिक बचाव कम हो जाता है। ऐसे में वायरस और बैक्टीरिया आसानी से शरीर में घुस जाते हैं। इस दौरान नाक बहना या बंद होना, गले में खराश, लगातार खांसी, हल्का बुखार कुछ लोगों में ब्रोंकाइटिस की समस्याएं होा आम हैं। कई बार खांसी लंबे समय तक रहती है। इसलिए डॉक्टर बिना सलाह दवा या एंटीबायोटिक लेने से मना करते हैं।
मौसम का अचानक बदलना सिर्फ गले और फेफड़ों को ही नहीं, दिल और ब्लड प्रेशर को भी प्रभावित कर सकता है। ठंड में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। वहीं गर्मी में शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर गिर सकता है। यह उतार-चढ़ाव खासकर इन लोगों के लिए जोखिम भरा है। डायबिटीज मरीज, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग, दिल के मरीज, अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो सकती है।
सीजन बदलते समय दोपहर की गर्मी तेज हो सकती है। अगर शरीर सही से ठंडा नहीं हो पाता तो हीट एग्जॉशन या हीट स्ट्रोक का खतरा होता है। इसके शरीर का तापमान बढ़ना, ज्यादा पसीना, कमजोरी और चक्कर, सिर दर्द, उल्टी या मितली के लक्षण हो सकते हैं। अगर बुखार कई दिनों तक बना रहे तो इसे नजरअंदाज न करें।
कुछ आसान आदतें अपनाकर आप इस मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं: