Psychologists warn: नई स्टडी में पाया गया है कि हाईली सेंसिटिव लोग डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याओं का ज़्यादा सामना करते हैं। रिसर्च के मुताबिक लगभग 31% लोग बेहद सेंसिटिव होते हैं, जो नेगेटिव माहौल से जल्दी प्रभावित होते हैं, लेकिन सही ट्रीटमेंट और पॉज़िटिव अनुभव से तेजी से रिकवर भी कर सकते हैं।
Psychologists warn: मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) हमारी कुल सेहत के लिए बेहद जरूरी है। आजकल इस पर जागरूकता भी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है जिसमें पाया गया है कि जिन लोगों की पर्सनालिटी ज्यादा सेंसिटिव होती है, उन्हें मानसिक बीमारियों का खतरा भी ज्यादा रहता है। यह रिसर्च Clinical Psychological Science नामक जर्नल में पब्लिश हुई है।
यह पहली ऐसी स्टडी है जिसमें 33 से भी ज्यादा रिसर्च को मिलाकर एनालिसिस किया गया। नतीजों में पाया गया कि सेंसिटिव लोग डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याओं का ज्यादा शिकार होते हैं, तुलना में उन लोगों के जो कम सेंसिटिव होते हैं।
रिसर्चर्स के मुताबिक, सेंसिटिविटी एक पर्सनालिटी ट्रेट है, जिसमें इंसान अपने आस-पास के माहौल को ज्यादा गहराई से महसूस करता है। जैसे तेज रोशनी, हल्के बदलाव, या किसी के मूड को तुरंत पकड़ लेना। अभी तक ज्यादातर स्टडीज neuroticism और मेंटल हेल्थ पर केंद्रित रही हैं, लेकिन इस रिसर्च ने बताया कि सेंसिटिविटी का लेवल भी मेंटल हेल्थ में अहम रोल निभाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेंसिटिव लोगों को कुछ खास ट्रीटमेंट जैसे माइंडफुलनेस, मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीक से ज्यादा फायदा मिलता है। इससे न केवल इलाज तेजी से असर करता है, बल्कि बीमारी दोबारा होने का खतरा भी कम होता है।
रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगभग 31% लोग हाईली सेंसिटिव होते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर और थैरेपिस्ट अगर इस ट्रेट को ध्यान में रखकर इलाज करें, तो बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। हाईली सेंसिटिव लोग नेगेटिव अनुभवों से जल्दी प्रभावित होते हैं, लेकिन उतनी ही तेजी से पॉजिटिव अनुभवों से भी फायदा उठाते हैं। यानी अगर इन्हें सही माहौल और सही ट्रीटमेंट मिले, तो इनकी सेहत जल्दी सुधर सकती है।