स्वास्थ्य

Side effects of zinc: खाने में जिंक का इस्तेमाल बढ़ा सकता हैं मुश्किलें, हो सकते हैं गंभीर बीमारी के शिकार

Side effects of zinc tablets: कोरोना संक्रमण से खुद को बचाने के लिए लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। कोरोना के गंभीर मरीजों को डॉक्टर्स द्वारा स्टेरॉयड की डोज भी दी जा रही है।

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May 27, 2021
Side effects of zinc tablets
Zinc for health

Side effects of zinc tablets: कोरोना संक्रमण से खुद को बचाने के लिए लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। कोरोना के गंभीर मरीजों को डॉक्टर्स द्वारा स्टेरॉयड की डोज भी दी जा रही है। व्यक्ति स्वयं भी बिना चिकित्सक की सलाह के ज़िंक का इस्तेमाल कर रहा है। बहुत से चिकित्सक मरीजों को जिंक की गोलियां या जिंक की प्रचुरता वाला भोजन लेने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अधिक मात्रा में लिया गया जिंक आपको फंगस की चपेट में ला सकता हैं।

जिंक टैबलेट्स का इस्तेमाल
जिंक व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और मेटाबॉलिज्म को सही भी करता है। कोरोना के चलते मरीज की स्वाद और गंध पहचानने की क्षमता को फिर से लाने में मददगार भी होता है। इसी कारण कोरोना मरीजों को चिकित्सक जिंक की टैबलेट लिख रहे हैं।

जिंक टैबलेट्स से होने वाले नुकसान
इन दिनों कोरोना संक्रमण के चलते फंगस के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिली है। ब्लैक फंगस को बहुत से राज्यों ने महामारी घोषित कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद में एक कोरोना मरीज के शरीर में येलो फंगस मिला है। जांच में पता चला है कि यह येलो फंगस छिपकली, सांप, मेढक, गिरगिट जैसे रेप्टाइल वर्ग के जंतुओं में पाया जाता है और यह जिंक की मौजूदगी में पनपता है। जो कोरोना मरीज जिंक टैबलेट्स खा रहे हैं, ऐसे में येलो फंगस भी इंसानों में बढ़ रहा है। वहीं आयरन की इंसानी शरीर में अधिकता के चलते ब्लैक फंगस का संक्रमण बढ़ने की बात कही जा रही है।

येलो फंगस के लक्षण
ब्लैक और व्हाइट के बाद येलो फंगस के मामले भी सामने आने लगे हैं। इसके लक्षणों की बात करें तो इनमें सुस्ती, थकान, वजन कम होना, भूख ना लगना, शरीर में इंफेक्शन की जगह पर मवाद भी पड़ जाती हैं।

ब्लैक फंगस सबसे ज्यादा खतरनाक
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार येलो फंगस इंसानों में नहीं पाया जाता। अभी तक इंसानों में मिलने वाले फंगस इंफेक्शन में सबसे खतरनाक ब्लैक फंगस को बताया गया है। ब्लैक फंगस खून में मिलने के बाद और भी खतरनाक हो जाता है। मरीज के इलाज में देरी होने से आंखों की रोशनी भी जा सकती है और यह संक्रमण ब्रेन तक पहुँचने से जान भी जा सकती है।

Published on:
27 May 2021 09:54 am