स्वास्थ्य

साइलेंट हार्ट अटैक के इन संकेतों को पहचानें, सामान्य से नजर आने वाले ये लक्षण हैं बेहद गंभीर

क्या आपको पता है कि हार्ट अटैक कई बार बार साइलेंट होता है। साइलेंट अटैक के लक्षणों को कई बार लोग पहचान नहीं पाते। यही कारण है कि कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है। हार्टअटैक के लक्षण 12 घंटे पहले से मिलने लगते हैं। यदि असहज महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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Updated: 27 Feb 2022, 4:27 PM IST
Silent Heart Attack Signs and Symptoms
साइलेंट हार्ट अटैक के इन संकेतों को पहचानें, सामान्य से नजर आने वाले ये लक्षण हैं बेहद गंभीर

साइलेंट हार्ट अटैक को डॉक्टर्स ज्यादा खतरनाक मानते हैं, क्योंकि इसके लक्षण आम लोगों को सामान्य से लगते हैं, जबकि ये गंभीर लक्षण माने जाते हैं। गैस एसिडिटी या एंजाइटी पेन समझ कर कई बार साइलेंट हार्ट अटैक को लोग समझ नहीं पाते। इसलिए यह जानना जरूरी है कि साइलेंट अटैके के सामान्य से दिखने वाले ये लक्षण क्या होते हैं और कब इसे गंभीर संकेत माना जाना चाहिए।
ब्लड के जरिए ही हमारे पूरे शरीर में आक्सीजन पहुंचता है , लेकिन कई बार धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है और इससे हार्ट पर दबाव पढ़ने लगता है। हार्ट को ऐसी स्थिति में दोगुनी गति से पंप करना पड़ता है और जब ये दबाव ज्यादा होता है, तभी हार्ट अटैक की संभावना होती है। कोलेस्ट्रॉल यदि बढ़ा हुआ है तो सबसे पहला संकेत यही है कि आपके दिल को मेहनत करनी पड़ रही है। ऐसे में धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता। जब भी ब्लड का फ्लो सही नहीं होगा शरीर निम्न संकेत देगा।

साइलेंट हार्ट अटैक भी देता है संकेत

1. सिर में भारीपन महसूस होना।
2. सीने में भारीपन या सांस लेने में दिक्कत।
3. बेचैनी और उल्टी महसूस होना।
4. अचानक से पसीना-पसीना हो जाना।
5. चक्कर आना या बहुत ही अनकंफर्टेबल फील करना।
6. दाहिनी तरफ के कंधे, जबड़े या हाथ में दर्द होना।

ये बीमारियां बनती हैं अटैक का कारण

1. हाई बीपी
2. हाई कोलेस्ट्रॉल
3. मोटापा

खानपान में शामिल करें ये चीजें

1. ओट्स खाएं। ये कोलेस्ट्रॉल या हाईबीपी दोनों में ही फायदेमंद हैं।
2. लहसुन का सेवन बढ़ा दें। नेशनल कार्डियोलॉजिकल की रिपोर्ट भीबताती है कि रोज लहसुन खाना कोलेस्ट्राल को कंट्रोल में रखता है।
3. अनार और कीवी खाने से दिल के साथ पूरा शरीर भी स्वस्थ रहता है।
4. जैतून या सरसों का तेल ही प्रयोग करें।

इन बातों पर दें विशेष ध्यान


1. 40 की उम्र के बाद नियमित तौर पर शुगर, कोलेस्ट्राल और बीपी की जांच कराते रहें।
2. रोजाना कम से कम 45 मिनट की वॉक या साइकिलिंग करें।
3. अल्कोहल, स्मोकिंग और तनाव से दूर रहने का प्रयास करें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
27 Feb 2022, 4:27 PM IST
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