Yoga for joint pain relief : योग एक प्राचीन विधा है, जो शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य को संतुलित करने में सहायक है। यह हर उम्र के व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि अन्य व्यायामों की तुलना में इसमें अधिक शारीरिक परिश्रम की आवश्यकता नहीं होती।
Simple yoga exercises : योग ही एकमात्र ऐसा व्यायाम है, जिसे हर उम्र का व्यक्ति कर सकता है। अन्य व्यायामों में अधिक शारीरिक परिश्रम होता है, जिससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में शारीरिक नुकसान भी हो सकता है जैसे मांसपेशियों में खींचाव, थकान आदि।
सुबह खाली पेट योग का अभ्यास करें। प्रारम्भ में चटाई या दरी पर खड़े होकर अपने स्थान पर धीरे-धीरे दौडऩा है। (एक ही जगह खड़े होकर) स्थिर दौड़ 3-4 मिनट तक करें, लेकिन गति धीमी रखें। स्थिर दौड़ के बाद कमर से आगे झुकते हुए तेजी से मुख से श्वास बाहर निकालें। ऐसा 3-4 बार करें। इस तरह सांस की गति सामान्य हो जाती है। 01 मिनट तक सांस को महसूस करते हुए अपने स्थान पर शांत खड़े रहें।
-गर्दन को सांस छोड़ते हुए नीचे लाए (ठुड्डी को सीने से लगाएं)। श्वास लेते हुए ऊपर देखें, श्वास छोड़ते हुए बांये कंधे की ओर घुमाएं, श्वास लेते हुए वापस सेंटर में आएं, पुन: श्वास छोड़ते हुए गर्दन दाए कंधे की ओर घुमाएं, श्वास लेते हुए वापस सेंटर में आएं।
श्वास भरकर छोड़ते हुए दांये से बांये गर्दन घुमाएं, श्वास लेते हुए वापस सेंटर में आएं और पुन: छोड़ते हुए बांये से दांये गर्दन को घुमाएं। गर्दन के बाद हाथों का व्यायाम करें, मुट्ठी बंद करें-खोलें, कलाइयों को घुमाएं। कोहनी का व्यायाम करें। कंधों का घुमाएं। श्वास भरकर छाती को स्प्रिंग की तरह फुलाएं। पेट का व्यायाम करें। इसके लिए श्वास बाहर निकालते हुए आगे झुकें, श्वास रोककर पेट को अंदर खींचे। 2-3 बार यह प्रक्रिया दोहराएं।
आगे-पीछे यानी पादहस्तासन एवं अद्र्धचक्रासन करें। बांये-दांये यानी अद्र्धकटिचक्रासन करें। कमर को बांयी ओर दांयी ओर घुमाव दें (कटिचक्रासन)। आगे झुकते हुए बांये हाथ से दांये पैर के अंगूठे एसवं दांये हाथ से बांये पैर के अंगूठे को छुने का प्रयास करें (त्रिकोणासन)। कमर पर हाथ रखकर कमर घुमाएं, बांयीं से दांयीं ओर एवं दांए से बाएं ओर (कमर घूर्णन 10 बार) करें।
नीचे झुकते हुए कुर्सी आसन करें, पैरों के मध्य 1/2 फुट का अंतर रखें। पूर्ण अवस्था में आने पर कुछ देर रूकें। 3-4 बार दोहराएं।
कमर में हाथ रखकर दांये पैर को ऊपर उठाकर पंजों को ऊपर-नीचे 5-7 बार घुमाएं। इसी प्रकार बांये पैर से करें। ध्यान रखें कि घुटना सीधा रहेगा।
अंत में दोनों पांवों को मिलाकर, हाथों को आपस में बांधकर सिर के ऊपर ले जाते हुए, सांस भरते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचाव दें। श्वास रोककर 2-3 बार करें। इसके बाद शरीर को ढीला छोड़ दें, पैरों में आधे फुट का अंतर रखें, 5-7 गहरी श्वास लें और छोड़े। फिर सामान्य श्वास लें। मन ही मन शरीर का अवलोकन करें।
नियमित सूक्ष्म यौगिक व्यायाम करने से शरीर की जकडऩ कम होती है। जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। साथ ही रक्त का परिसंचरण भी सुचारू होता है। मांसपेशियों में खींचाव एवं दर्द में आराम मिलता है। पैरों एवं घुटनों की समस्याएं कम होती हैं। शरीर का संतुलन अच्छा होता है।