
skin disease (image- geminiAI)
Skin Disease: रंगीन पसीना! नाम सुनते ही आप यह सोच रहे होंगे कि भला ऐसा कैसे संभव हो सकता है। पसीना आना हमारे शरीर के लिए अच्छा होता है, यह हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित बनाए रखता है। आमतौर पर पसीने का कोई रंग नहीं होता है, यह रंगहीन होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें रंगीन पसीना आता है? जी हां, नीला, काला और हरा पसीना! यह बात आपको सोचने पर मजबूर कर सकती है लेकिन यह पूरी तरह तथ्याधारित है। रंगीन पसीना आना कोई जादुई या काल्पनिक बात नहीं है, बल्कि यह त्वचा की एक बीमारी है जिसे विज्ञान की भाषा में क्रोमहिड्रोसिस (Chromhidrosis) कहा जाता है। आइए जानते हैं रंगीन पसीना आने वाली यह बीमारी क्या है और इसके लक्षण क्या होते हैं? इससे बचने के लिए कौन से उपाय अपनाने चाहिए।
क्रोमहिड्रोसिस (Chromhidrosis) बहुत दुर्लभ बीमारियों में से एक है। इस बीमारी में व्यक्ति को रंगीन पसीना आता है। यानी जिस पसीने का कोई रंग नहीं होता, इस त्वचा की बीमारी से पीड़ित लोगों में पसीने का रंग नीला, हरा या काला होता है। हमारे शरीर में पसीना स्रावित करने वाली 2 ग्रंथियां होती हैं,एक्क्राइन (Eccrine) और एपोक्राइन (Apocrine)। त्वचा की यह बीमारी मुख्य रूप से एपोक्राइन ग्रंथियों से जुड़ी हुई है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
02 Jan 2026 10:51 am
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