
Pompe Disease Symptoms (Photo- gemini ai)
Pompe Disease Symptoms: पोम्पे डिजीज (Pompe disease) एक बहुत ही दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है, जो दुनिया में करीब 40 हजार लोगों में से एक को होती है। इसे ग्लाइकोजन स्टोरेज डिजीज टाइप-2 भी कहा जाता है। यह बीमारी शरीर में एक जरूरी एंजाइम की कमी के कारण होती है, जिसका नाम है एसिड अल्फा-ग्लूकोसिडेज (GAA)।
यह एंजाइम शरीर में जमा शुगर के स्टोर यानी ग्लाइकोजन को तोड़ने में मदद करता है। जब यह एंजाइम ठीक से काम नहीं करता या बहुत कम होता है, तो ग्लाइकोजन शरीर की मांसपेशियों में जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यह जमा ग्लाइकोजन मांसपेशियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कमजोरी बढ़ती जाती है और गंभीर मामलों में सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।
यह बीमारी जन्म से जुड़ी यानी आनुवंशिक होती है। अगर किसी व्यक्ति को मां और पिता दोनों से खराब GAA जीन मिलता है, तभी यह बीमारी विकसित होती है। जब शरीर में GAA एंजाइम कम होता है, तो ग्लाइकोजन मांसपेशियों की कोशिकाओं में जमा होकर उन्हें धीरे-धीरे नष्ट करने लगता है। इससे खासतौर पर ये हिस्से प्रभावित होते हैं:
पोम्पे डिजीज के लक्षण उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। लेकिन कुछ सामान्य संकेत इस तरह हैं:
अगर यह बीमारी शिशुओं में जल्दी शुरू हो जाए और इलाज न मिले, तो यह जानलेवा भी हो सकती है।
यह बीमारी बहुत दुर्लभ है और इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। कई बार मांसपेशियों की कमजोरी को सामान्य थकान या दूसरी बीमारी समझ लिया जाता है। इसी वजह से कई मरीजों में इसका पता देर से चलता है।
आजकल पोम्पे डिजीज के इलाज में एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी (ERT) काफी मददगार साबित हो रही है। इसमें शरीर को बाहर से वही एंजाइम दिया जाता है, जो उसमें कम होता है। इससे मांसपेशियों में जमा ग्लाइकोजन कम करने में मदद मिलती है। यह इलाज बीमारी को पूरी तरह खत्म तो नहीं करता, लेकिन अगर समय रहते शुरू कर दिया जाए, तो बीमारी की रफ्तार धीमी हो सकती है और मरीज बेहतर जीवन जी सकता है।
अगर किसी को बिना कारण मांसपेशियों की कमजोरी, जल्दी थकान या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। जल्दी जांच और सही इलाज से इस बीमारी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Updated on:
28 Feb 2026 03:50 pm
Published on:
28 Feb 2026 03:50 pm
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