स्वास्थ्य

Skin Disease: सोरायसिस के पीछे छिपा है एक नया कारण! रिसर्च में हुआ खुलासा

Skin Disease: सोरायसिस को केवल इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी माना जाता था, लेकिन National Library Of Medicine की रिसर्च के अनुसार हमारा इम्यून सिस्टम ही केराटिन सेल्स को बाहरी दुश्मन समझकर उन पर हमला कर देता है, जिससे त्वचा पर लाल पपड़ीदार चकत्ते और सूजन आने लगती है।
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Apr 09, 2026
Skin Disease
Skin Disease (Image- gemini)

Skin Disease: त्वचा की समस्याएं आजकल बहुत आम हो गई हैं और ये हर मौसम में देखने को मिलती हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है सोरायसिस। हाल ही में National Library Of Medicine की एक रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस शोध के अनुसार, हमारा इम्यून सिस्टम (रक्षा तंत्र) ही हमारी केराटिन सेल्स को बाहरी दुश्मन समझकर उन पर हमला कर देता है। इस हमले के कारण त्वचा पर लाल पपड़ीदार चकत्ते और सूजन आने लगती है।

आइए जानते हैं कि कैसे सोरायसिस केवल इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी नहीं है, बल्कि यह हमारी ही त्वचा के एक खास तत्व के कारण उत्पन्न होती है। आइए डॉक्टर साजिद खान(होमियोपैथी) से जानते हैं कि सोरायसिस क्या होता है, इसके पीछे के असली कारण क्या हैं और इसके लक्षण व बचाव के उपाय क्या हैं।

केराटिन कैसे बन जाता है सोरायसिस का कारण

सोरायसिस के कारण केराटिन के कुछ रेशे (Filaments) अपना आकार बदल लेते हैं। जब केराटिन बदलता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम (टी-कोशिकाएं) इसे बाहरी वायरस या बैक्टीरिया समझ लेता है। हमारा इम्यून सिस्टम केराटिन को खत्म करने के लिए त्वचा पर हमला कर देता है। इस हमले से बचने के लिए त्वचा की कोशिकाएं बहुत तेजी से नई परतें बनाने लगती हैं, जिससे वहां मोटी पपड़ी जम जाती है और इसी तरह केराटिन बनता है सोरायसिस का कारण।

सोरायसिस के कारण क्या होते हैं?

  • त्वचा पर चोट
  • पुराना इंफेक्शन
  • बहुत ज्यादा तनाव होने पर
  • परिवार में किसी को सोरायसिस हो

सोरायसिस के लक्षण क्या होते हैं?

  • त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते।
  • चकत्तों पर सफेद पपड़ी (Scales) जमना।
  • त्वचा का सूखना और खून निकलना।
  • लगातार खुजली और जलन।
  • नाखूनों में गड्ढे पड़ना ।

सोरायसिस से बचने के उपाय?

  • त्वचा को कभी सूखने न दें।
  • तेज धूप से बचें
  • डाइट में ओमेगा-3 युक्त पदार्थ शामिल करें।
  • तेज खुशबू वाले साबुन या डिटर्जेंट का प्रयोग न करें।
  • नियमित रूप से योग और प्राणायाम करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
09 Apr 2026 12:54 pm
Published on:
09 Apr 2026 12:54 pm
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