स्वास्थ्य

SLEEP APNEA : नींद में आते हैं खर्राटे तो आज से ही करें काम

स्लीप एप्निया सोते समय सांस रुकने और बार-बार करवटें बदलने के कारण दिक्कत होती है। आमतौर पर स्लीप एप्निया तब होता है, जब सोते समय किसी व्यक्ति की सांस रुकने लगती है। इसका मुख्य कारण सामान्य से ज्यादा वजन होना, अनुवांशिक कारण व छोटा श्वांस मार्ग आदि प्रमुख है।

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Apr 24, 2020
SLEEP APNEA

महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में स्लीप एप्निया की आशंका ज्यादा होती है। इससे बचने के लिए इन चीजों को अपना सकते हैं।

आज से ही करें ये बदलाव
1- मरीज को डाइट नियंत्रित कर वजन कम करना चाहिए।
2- सोने से पूर्व खाना न खाएं और न ही व्यायाम करें।
3- बिस्तर पर जाने से पहले मानसिक और शारीरिक विश्राम के लिए एक अवधि का प्रबंधन (निर्धारण) करने की कोशिश करें।
4- बेडरूम में प्रकाश को कम करें, बिस्तर पर टीवी देखने और पढऩे की आदत छोड़ें।
इसे खाने से मिलेगा आराम
स्लीप एप्निया के मरीजों के लिए विटामिन बी वाली फलियां जैसे, काली मटर और मसूर की दाल एक बेहतर खाद्य पदार्थ है। दूध में ट्रिप्टोफैन पाया जाता है जो कि एक एमीनो एसिड होता है और शामक की तरह प्रभाव करता है। इसके अलावा दूध में मौजूद कैल्सियम मस्तिष्क को ट्रिप्टोफैन इस्तेमाल करने में मदद करता है। केले में भी ट्रिप्टोफैन होता है, मेलाटोनिन के उत्पादन, नींद लाने वाले हार्मोन, मांसपेशियों में आराम आदि कार्यों को बढ़ावा देता है। हर्बल चाय और दलिया का सेवन एक बेहतर विकल्प है।

Published on:
24 Apr 2020 01:32 pm