
चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैलने वाले लाल दाने (रैश) और अचानक तेज बुखार आना खसरे के लक्षण हो सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Measles Symptoms: आजकल जब बीमारियां इतनी तेजी से फैल रही हैं, तो बच्चों और बड़ों की सेहत की चिंता होना लाजमी है। इन्हीं में से एक बीमारी है खसरा (Measles)। अक्सर लोग खसरे को बच्चों के शरीर पर निकलने वाले आम लाल दाने या स्किन की कोई मामूली समस्या समझकर छोड़ देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि खसरा कोई हल्की-फुल्की समस्या नहीं है। अगर सही समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बीमारी काफी गंभीर और जानलेवा रूप भी ले सकती है। खसरे के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर को दिखाना ही इससे बचने का सबसे सही तरीका है। आइए समझते हैं कि खसरा क्या है, यह कैसे फैलता है और इसके मुख्य लक्षण क्या-क्या हैं।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, खसरा एक वायरस से होने वाला इन्फेक्शन है, जो मुख्य रूप से हमारी सांस की नली और फेफड़ों पर असर डालता है। यह बीमारी बहुत ही तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलती है। जब कोई खसरा पीड़ित व्यक्ति खांसता, छींकता है या बात करता है, तो उसके मुंह और नाक से निकलने वाली बारीक बूंदें हवा में घुल जाती हैं। अगर कोई दूसरा इंसान या बच्चा उसी हवा में सांस लेता है, तो यह वायरस उसके शरीर में चला जाता है। यही वजह है कि स्कूलों, पार्कों या भीड़भाड़ वाली जगहों पर बच्चे बहुत जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, खसरा होने पर शरीर में ये 6 बड़े बदलाव और निशान दिखाई देते हैं;
अमेरिका की स्वास्थ्य संस्था CDC का कहना है कि खसरा सिर्फ बुखार या दानों तक सीमित नहीं रहता। अगर सही समय पर इसका ध्यान न रखा जाए, तो यह शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर छोटे बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में खसरे की वजह से निमोनिया (फेफड़ों का इन्फेक्शन), कान में गंभीर इन्फेक्शन, शरीर में पानी की भारी कमी (डिहाइड्रेशन) और दिमागी बुखार जैसी खतरनाक समस्याएं हो सकती हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
31 Jul 2026 01:30 pm
