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FIFA World Cup 2026 से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट, हंतावायरस, खसरा और इबोला को रोकने के लिए बनाई गई खास रणनीति

Health security: फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर सतर्क हैं। जानिए क्यों खसरा, नोरोवायरस और अन्य संक्रामक बीमारियों पर रखी जा रही है विशेष नजर।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 08, 2026

Measles outbreak FIFA World Cup 2026 Infectious diseases

FIFA World Cup 2026 से पहले स्वास्थ्य निरीक्षण की प्रतीकात्मक छवि (photo- gemini ai)

FIFA World Cup 2026 Health Alert: 11 जून से शुरू होने जा रहा फीफा वर्ल्ड कप 2026 दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक होगा। अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट को देखने के लिए लाखों फुटबॉल प्रशंसक अलग-अलग देशों से यात्रा करेंगे। जहां एक तरफ खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर सतर्क हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब दुनिया भर से बड़ी संख्या में लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं, तो संक्रमण फैलने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसी वजह से टूर्नामेंट शुरू होने से पहले स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्यों हैं चिंतित?

जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के वैश्विक स्वास्थ्य विज्ञान और सुरक्षा केंद्र की निदेशक प्रोफेसर रेबेका कैट्ज के अनुसार, हाल के महीनों में दुनिया के कई हिस्सों में हंतावायरस, नोरोवायरस और इबोला जैसी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। ऐसे में लाखों लोगों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को देखते हुए स्वास्थ्य एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं लेना चाहतीं।

रॉयटर्स के मुताबिक रेबेका कैट्ज का कहना है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में बीमारी फैलने की संभावना हमेशा बनी रहती है, इसलिए शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

बांग्लादेश में खसरे के प्रकोप ने बढ़ाई चिंता

विशेषज्ञों की चिंता का एक बड़ा कारण हाल ही में बांग्लादेश में सामने आया खसरे (Measles) का गंभीर प्रकोप भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 से शुरू हुए इस प्रकोप में 60,000 से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं और 600 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा प्रभावित 5 साल से कम उम्र के बच्चे रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीकाकरण कवरेज में कमी और वैक्सीन तक सीमित पहुंच ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया। यही कारण है कि FIFA World Cup जैसे बड़े आयोजनों के दौरान खसरे पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों को आशंका है कि बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही संक्रमण को एक देश से दूसरे देश तक पहुंचा सकती है।

कैसे रखी जा रही है बीमारियों पर नजर?

संभावित स्वास्थ्य खतरों पर नजर रखने के लिए एक विशेष हेल्थ सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर बनाया गया है। यहां विशेषज्ञ देशभर से मिलने वाले स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं। इसके अलावा सीवेज के नमूनों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं किसी क्षेत्र में कोविड-19, इन्फ्लूएंजा, नोरोवायरस, रोटावायरस या अन्य संक्रमण तेजी से तो नहीं फैल रहे।

आम लोगों के लिए क्या है संदेश?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। दरअसल, पर्दे के पीछे की जा रही यह सारी तैयारी इसी लिए है ताकि खिलाड़ी, दर्शक और स्थानीय लोग सुरक्षित माहौल में टूर्नामेंट का आनंद ले सकें। समय पर निगरानी, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और शुरुआती चेतावनी प्रणाली किसी भी संभावित संक्रमण को बड़े संकट में बदलने से रोक सकती है। यही वजह है कि FIFA World Cup 2026 में खेल के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा भी एक बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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