
मानसून में बीमार महिला की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- freepik)
Rainy Season Health Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। अक्सर लोग मानसून का नाम सुनते ही डेंगू और मलेरिया के बारे में सोचते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सिर्फ मच्छरों से होने वाली बीमारियां ही नहीं, बल्कि पानी और भोजन से फैलने वाले संक्रमण भी तेजी से बढ़ जाते हैं।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च (JCDR) में प्रकाशित एक रिसर्च और साइंसडायरेक्ट में प्रकाशित हालिया अध्ययन के अनुसार, मानसून के दौरान नमी बढ़ने, जलभराव और दूषित पानी के कारण कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बारिश का जमा पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। डेंगू के मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और प्लेटलेट्स कम होने जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
मानसून में मलेरिया के मामले भी तेजी से बढ़ते हैं। इसके लक्षणों में ठंड लगना, बुखार आना, पसीना आना और कमजोरी शामिल हैं।
यह भी मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। इसमें बुखार के साथ जोड़ों में तेज दर्द हो सकता है, जो कई हफ्तों तक बना रह सकता है।
दूषित पानी और भोजन के कारण फैलने वाला यह संक्रमण मानसून में काफी आम हो जाता है। लगातार बुखार, पेट दर्द और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
बारिश के मौसम में पेट के संक्रमण तेजी से बढ़ते हैं। गंदा पानी पीने या संक्रमित भोजन खाने से दस्त, उल्टी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।
JCDR की रिसर्च के अनुसार, बारिश के दौरान गंदे पानी के संपर्क में आने से लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी संक्रमित जानवरों के मूत्र से दूषित पानी के जरिए फैलती है।
मौसम में अचानक बदलाव और बढ़ी हुई नमी वायरस को फैलने का मौका देती है। इसकी वजह से बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में बीमारियों से बचने के लिए साफ पानी पीना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, बाहर का कटा हुआ भोजन न खाना और घर के आसपास पानी जमा न होने देना बेहद जरूरी है।
अध्ययनों के अनुसार, मानसून के दौरान संक्रामक रोगों का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि समय पर सावधानी और शुरुआती लक्षणों की पहचान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है। इसलिए अगर बारिश के मौसम में बुखार, दस्त, उल्टी या लगातार कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य मौसमी समस्या मानकर नजरअंदाज न करें।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Jun 2026 02:12 pm
Published on:
08 Jun 2026 02:24 pm
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