स्वास्थ्य

Stomach Worms: पेट से निकले जिंदा केंचुए! सर्जरी कर बचाई जान, डॉक्टर से जानें क्या है Ascariasis

Stomach Worms: नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में डॉक्टरों ने एक बच्चे के पेट से बड़ी जीवित राउंडवॉर्म (केंचुए) निकाले। आइए डॉ कुनाल पाई( शिशु रोग विशेषज्ञ) से जानते है कि पेट से जिन्दा कीड़े कौनसी बीमारी में निकलते हैँ? इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या होते हैं।

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Apr 14, 2026
Stomach Worms (Image- gemini)

Stomach Worms: नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) में डॉक्टरों ने एक बच्चे के पेट से बड़ी जीवित राउंडवॉर्म (केंचुए) निकाले। लेकिन क्या आपको पता है कि समय रहते इलाज न मिलता, तो यह संक्रमण जानलेवा हो सकता था। अब आप सोच रहें होंगे की भला ये कैसे संभव है? पेट से कीड़े और वो भी जिन्दा! पेट में कीड़े होना एक आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए डॉ कुनाल पाई( शिशु रोग विशेषज्ञ) से जानते है कि पेट से जिन्दा कीड़े कौनसी बीमारी में निकलते हैं? इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय क्या होते हैं।

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क्या है एस्केरियासिस (Ascariasis)?

पेट में जिंदा केंचुए होने वाली स्थिति को विज्ञान की भाषा में एस्केरियासिस कहा जाता है। यह एस्केरिस लुम्ब्रिकोइड्स नामक परजीवी के कारण होता है। यह इंसान की छोटी आंत में पनपते हैं और वहीं अपनी संख्या बढ़ाते हैं। कई बार इनकी संख्या इतनी बढ़ जाती है कि ये आंतों को पूरी तरह ब्लॉक कर देते हैं। गंभीर स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है।

पेट में कीड़े किस कारण से होते है? (Ascariasis Cause)

  • बिना हाथ धोए खाना खाना।
  • दूषित जल का सेवन करना।
  • आधी पकी हुई सब्जियां खाना।
  • कच्चे फल खाना।
  • खुले में शौच जाना।

Ascariasis के लक्षण क्या होते हैं? (Symptoms)

  • पेट में तेज दर्द होना।
  • उल्टी आना।
  • मल के साथ कीड़े आना।
  • वजन कम होना।
  • एनीमिया होना।
  • हर समय थकान रहना।
  • पेट का फूलना और शौच रुक जाना।

पेट के कीड़ों से बचने के लिए क्या करें? (Prevention)

  • खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
  • सब्जियों और फलों कोनमक वाले पानी से धोकर ही इस्तेमाल करें।
  • नाखून नियमित रूप से काटें।
  • फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
  • साल में दो बार (डॉक्टर की सलाह पर) बच्चों को कीड़े मारने की दवा खिलाएं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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