Sugar VS Diabetes: अक्सर लोग मानते हैं कि अगर कोई मीठा (शुगर) ज्यादा खाता है, तो उसे डायबिटीज हो जाएगी। लेकिन मेडिकल साइंस की नजर में ये दोनों बातें अलग हैं। शुगर हमारे शरीर की जरूरत है, जबकि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर उस शुगर को इस्तेमाल नहीं कर पाता।
Sugar VS Diabetes: हेल्थ की दुनिया में शुगर (मीठा) और डायबिटीज दो ऐसे शब्द हैं जिनका इस्तेमाल हम रोज करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपके किचन में रखी चीनी और डॉक्टर द्वारा बताई गई डायबिटीज की बीमारी में जमीन-आसमान का फर्क है? अगर हम इन दोनों को एक ही मान लेते हैं, तो हम अपनी सेहत के साथ लापरवाही कर सकते हैं। चलिए, डॉक्टर कुणाल प्रफुल सिंकर (हृदय रोग विशेषज्ञ) से आसान शब्दों में इसको समझते हैं।
सरल शब्दों में कहें तो शुगर यानी ग्लूकोज हमारे शरीर का ईंधन है। जैसे गाड़ी चलाने के लिए पेट्रोल चाहिए, वैसे ही शरीर को चलाने के लिए शुगर चाहिए। हम जो रोटी, फल या चावल खाते हैं, वो पचने के बाद शुगर में बदल जाते हैं ताकि हमें ताकत मिल सके।
डायबिटीज कोई चीज नहीं, बल्कि शरीर की एक हालत है। जब हमारे शरीर का इंसुलिन (Insulin) नाम का पहरेदार सो जाता है या काम करना बंद कर देता है, तो खून में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। इसी बढ़ी हुई मात्रा को हम बीमारी या डायबिटीज कहते हैं। यानी शुगर बुरा नहीं है, उसका खून में अनकंट्रोल होना बुरा है।
नहीं! डायबिटीज सिर्फ मिठाई खाने से नहीं होती। यह आपके जींस (परिवार में किसी को होना), मोटापे, तनाव और खराब लाइफस्टाइल की वजह से भी हो सकती है। हां, ज्यादा मीठा खाने से वजन बढ़ता है और बढ़ा हुआ वजन डायबिटीज का न्योता देता है।
इसे ऐसे समझें, शुगर वह ऊर्जा है जिसकी शरीर को जरूरत है, और डायबिटीज वह स्थिति है जब शरीर उस ऊर्जा का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता। शुगर एक कंटेंट है और डायबिटीज एक कंडीशन।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।