Sweating Cause: गर्मी में पसीना आना सामान्य है, लेकिन अगर यह जरुरत से ज्यादा हो और इसमें बदबू हो, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। आइए जानते हैं की कब आपका पसीना हाइपरहाइड्रोसिस या हार्ट से जुड़ी समस्याओं का चेतावनी संकेत है।
Sweating Cause: धूप और उमस भरे मौसम में शरीर से पसीना निकलना एक कुदरती प्रक्रिया है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो पसीना हमारे शरीर का नेचुरल एयर कंडीशनर है, जो बढ़ते तापमान को कंट्रोल करता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोगों को पंखे के नीचे बैठे हुए भी पसीना आता है? या फिर कुछ लोगों के पसीने की गंध इतनी तेज होती है कि आसपास बैठना मुश्किल हो जाता है? हर पसीना गर्मी का नहीं होता।
कभी-कभी यह आपके शरीर के अंदर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म भी हो सकता है। आइए जानते हैं की ऐसा किस कारण से होता है और कब आपका पसीना हाइपरहाइड्रोसिस या हार्ट से जुड़ी समस्याओं का चेतावनी संकेत है।
जरुरत से ज्यादा या कहें की बिना ज्यादा शारीरिक श्रम के पसीना आने की स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है। इसमें शरीर की पसीने वाली ग्रंथियां (Sweat Glands) जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। यदि आपको बिना किसी मेहनत के, हथेलियों, तलवों या माथे पर लगातार पसीना आता है, तो यह प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस हो सकता है। वहीं, अगर यह अचानक शुरू हुआ है, तो यह शरीर के अंदरूनी अंगों की गड़बड़ी का संकेत है।
पसीने का अपना कोई रंग या गंध नहीं होती, यह शुद्ध पानी की तरह होता है। लेकिन जब यह त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो दुर्गंध पैदा होती है। इसे ब्रोमहाइड्रोसिस कहते हैं। यदि अच्छी साफ-सफाई के बाद भी बदबू नहीं जा रही, तो यह आपके मेटाबॉलिज्म या डाइट में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।