दिनबदीन हेपेटाइटिस सी से होने वाली बीमारियां बढ़ती ही जा रही हैं। हेपेटाइटिस सी ज्यादातर लीवर को इंफेक्शन देता है । और आपके लीवर को बीमार बनाता है। भारत में करीब ढाई लाख लोगों की मौत इस बीमारी से होती है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने भी भारत के लिए हेपेटाइटिस को एक गंभीर चिंता के रूप में चिन्हित किया है। पिछले साल ही करीब 4 करोड़ लोगों को हेपेटाइटिस B का गंभीर संक्रमण हुआ था।

नई दिल्ली। आज इस आर्टिकल में हम हेपेटाइटिस सी के सभी लक्षणों को समझेंगे। हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है ताकि इससे फैलने वाले खतरनाक और जानलेवा बीमारी को फैलने से रोका जा सके । हेपेटाइटिस की दूसरी सबसे बड़ी समस्या B और C प्रकार के वायरस से होती है। ये ब्लड, बॉडी फ्लूईड और ब्लड प्रोडक्ट्स से फैलता है।
हेपेटाइटिस B और C कैसे एक दूसरे से अलग हैं
दोनों एक तरह से भाई-बहन की तरह हैं। दोनों में ही क्रॉनिक हेपेटाइटिस की श्रेणी में आते हैं। दोनों गंभीर स्तर पर लिवर को खराब करते हैं, जैसे लिवर का सिकुड़ जाना या लिवर का कैंसर को बढ़ाना आदि। लेकिन इन दोनों वायरस के जेनेटिक प्रोफाइल में अंतर होता है। एक डीएनए वायरस है और एक आरएनए वायरस है। इनकी टेस्टिंग अलग-अलग तरीकों से होती है।
जानें क्या होता है हेपेटाइटिस सी
हेपेटाइटिस सी लिवर से जुड़ा एक रोग है। जो हेपेटाइटिस सी नामक विषाणु से संक्रमित होने पर पैदा होता है। यह वायरस संक्रमित खून से फैलकर आपके लिवर को क्षति पहुंचाता है। जो भविष्य में फेलियर या कैंसर की भी वजह बन सकता है। यह रोग इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि आधे से ज्यादा संक्रमित लोगों को खुद के संक्रमित होने का पता ही नहीं चलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस रोग के लक्षण या तो दिखाई नहीं देते या सामने आने में 10 साल तक लग जाते हैं।
हेपेटाइटिस सी के कारण
हेपेटाइटिस सी, लिवर कमजोर होने की वजह से होता है। लिवर को कमजोर या खराब करने के पीछे ये खास वजह होती हैं।
अत्यधिक तेल मसाले वाले भोजन का सेवन करने से लिवर को नुकसान पहुंचता है। ऐसा भोजन जिसे पचाने में लिवर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, लिवर पर दबाव पैदा करता है। इस स्थिति में भोजन पेट में ही सड़ सकता है जिसके कीटाणु बीमारी पैदा करते हैं। किसी भी तरह का नशा या मांसाहार का सेवन लिवर के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा करने से लिवर में सूजन आ सकती है।