Symptoms of job burnout : यदि आपको भी ऐसा होने लगे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ऐसा तब होता है जब कार्यस्थल पर लगातार काम का दबाव, सहकर्मियों के साथ मतभेद, और रोजमर्रा की चुनौतियों में असहाय महसूस करना इस समस्या के प्रमुख कारण हैं।
symptoms of job burnout : आजकल जॉब बर्नआउट एक सामान्य समस्या बनती जा रही है। जॉब बर्नआउट की वजह से युवाओं को एक समान कार्यशैली से थकान, जीवन नीरस प्रतीत होने लगता है। यदि आपको भी ऐसा होने लगे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ऐसा तब होता है जब कार्यस्थल पर लगातार काम का दबाव, सहकर्मियों के साथ मतभेद, और रोजमर्रा की चुनौतियों में असहाय महसूस करना इस समस्या के प्रमुख कारण हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफोर्निया की स्टिडी कहती है कि बहुत समय तक स्ट्रेस में रहना और दिनरात सोचते रहना जॉब बर्नआउट का कारण बन सकती है। जॉब बर्नआउट (symptoms of job burnout) का सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव देखने का मिलता है।
कभी-कभी काम के दौरान बोरियत महसूस होने पर ब्रेक लेकर कहीं घूमने जाना और फिर ताजगी के साथ लौटना सामान्य है, लेकिन यदि छुट्टी के बाद भी काम का तनाव बना रहे, तो यह जॉब बर्नआउट का संकेत हो सकता है।
जब किसी काम को लेकर पहले खुशी मिलती थी, लेकिन अब वही काम सिरदर्द का कारण बनने लगे, तो इसे जॉब बर्नआउट (symptoms of job burnout) कहा जा सकता है।
WHO का मानना है कि यह क्रोनिक वर्कप्लेस स्ट्रेस के कारण हो सकता है, जिसका अर्थ है काम के प्रति अत्यधिक तनाव होना होता है। इसे तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। पहली श्रेणी में काम करते समय उत्साह और ऊर्जा की कमी शामिल है, दूसरी श्रेणी में नौकरी के प्रति नकारात्मक विचार आना या काम में बोरियत महसूस करना, और तीसरी श्रेणी में अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन न कर पाना।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।