
Tonsil Stones Symptoms: क्या आपको कभी ऐसा लगा है कि आपके गले में कुछ फंसा हुआ है, लेकिन पानी पीने या खाना खाने के बाद भी वह अपनी जगह से हिल नहीं रहा? या फिर ब्रश करने और माउथवॉश इस्तेमाल करने के बाद भी मुंह की बदबू जाने का नाम नहीं ले रही? अगर आपका जवाब हां है, तो इसके पीछे टॉन्सिल स्टोन्स (Tonsil Stones) हो सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इसे आसान भाषा में टॉन्सिल की पथरी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि यह क्या बला है, क्यों होती है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।
हेल्थडायरेक्ट के अनुसार, हमारे गले के दोनों तरफ छोटे-छोटे टॉन्सिल्स होते हैं। इन टॉन्सिल्स की बनावट चिकनी नहीं होती, बल्कि इनमें छोटे-छोटे गड्ढे या दरारें (crevices) होती हैं।जब हम खाना खाते हैं, तो भोजन के बारीक कण, लार, मृत कोशिकाएं (dead cells) और बैक्टीरिया इन गड्ढों में जाकर फंस जाते हैं। धीरे-धीरे ये सारी चीजें मिलकर सड़ने लगती हैं और कैल्सियम जमा होने के कारण पत्थर की तरह सख्त सफेद या हल्के पीले रंग के छोटे-छोटे दानों का रूप ले लेती हैं। इन्हीं को हम टॉन्सिल स्टोन्स कहते हैं।
टॉन्सिल स्टोन्स को पहचानना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके कुछ आम लक्षण इस प्रकार हैं;
1. मुंह की सफाई ठीक से न करना- अगर आप सुबह-शाम ब्रश नहीं करते या कुल्ला नहीं करते, तो बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल जाता है।
2. टॉन्सिल्स का बड़ा होना- कुछ लोगों के टॉन्सिल्स का आकार प्राकृतिक रूप से बड़ा होता है या उनमें ज्यादा गहरे गड्ढे होते हैं।
3. साइनस या एलर्जी की समस्या- जिन लोगों को बार-बार जुकाम रहता है या नाक बहती है, उनके गले में बलगम (post-nasal drip) गिरता रहता है, जो बाद में स्टोन्स का रूप ले लेता है।
1. गुनगुने नमक के पानी से गरारे (Gargle)- दिन में 2-3 बार गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर गरारे करें। इससे न सिर्फ गले की सूजन कम होगी, बल्कि स्टोन्स भी ढीले होकर अपने आप बाहर निकल जाएंगे।
2. खूब पानी पीएं- पानी पीने से मुंह में बैक्टीरिया जमा नहीं हो पाते और फंसे हुए भोजन के कण भी साफ हो जाते हैं।
3. खांसी करने की कोशिश करें- कई बार जोर से खांसने पर भी ये छोटे पत्थर अपने आप बाहर आ जाते हैं।
4. सावधानी बरतें- कुछ लोग इन्हें निकालने के लिए उंगली, टूथपिक या ईयरबड का इस्तेमाल करने लगते हैं। ऐसा बिल्कुल न करें, क्योंकि टॉन्सिल्स बहुत नाजुक होते हैं और उनमें घाव या इन्फेक्शन हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।