
बच्चों के वैक्सीन लगवाने से पहले माता-पिता को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Vaccination Tips For Parents: बच्चों को समय पर टीका यानी वैक्सीन (Vaccination) लगवाना उन्हें कई गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन अक्सर माता-पिता वैक्सीन लगवाने के नाम से ही थोड़ा घबरा जाते हैं। उन्हें चिंता होती है कि बच्चे को कितना दर्द होगा या टीका लगाने के बाद कोई दिक्कत तो नहीं होगी।
एनएचएस (National Health Service) ने माता-पिता के लिए कुछ बहुत ही आसान और काम के तरीके बताए हैं। इन बातों का ध्यान रखकर आप वैक्सीन लगवाने के इस पूरे सफर को अपने और अपने बच्चे के लिए तनाव मुक्त बना सकते हैं। आइए समझते हैं कि आपको क्या करना चाहिए।
WHO के अनुसार, जब डॉक्टर या नर्स बच्चे को टीका लगा रहे हों, तब माता-पिता का बर्ताव बहुत मायने रखता है, बच्चे अपने माता-पिता के चेहरे के हाव-भाव बहुत जल्दी भांप लेते हैं। अगर आप खुद डरे हुए या परेशान दिखेंगे, तो बच्चा और ज्यादा रोने लगेगा। इसलिए खुद को शांत रखें और मुस्कुराते रहें। बच्चे को गोदी में इस तरह आराम से पकड़ें कि उसका वह हिस्सा सामने रहे जहां टीका लगना है, लेकिन वह ज्यादा हिल-डुल न पाए। आपका छूना बच्चे को सुरक्षा का अहसास कराता है। टीका लगते समय बच्चे से बातें करें, उसे कोई कहानी सुनाएं, गाना गाएं या उसके खिलौने की तरफ उसका ध्यान खींचें। कई बार बच्चे को पता भी नहीं चलता और काम हो जाता है।
जैसे ही सुई लग जाए, बच्चे को तुरंत संभालना जरूरी होता है। टीका लगते ही बच्चे को गले से लगा लें या अपनी गोदी में सुलाएं। उसे प्यार से सहलाएं ताकि वह जल्दी शांत हो जाए। अगर बच्चा बहुत छोटा है और चिकित्साकर्मी सलाह दें तो टीका लगने के तुरंत बाद उसे मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क पिलाने से उसे बहुत राहत मिलती है और उसका दर्द कम हो जाता है।
टीके के बाद हल्का बुखार आना एक सामान्य बात है। इसका मतलब है कि वैक्सीन शरीर में अपना काम कर रही है। डॉक्टर से पूछकर ही बच्चे को बुखार या दर्द कम करने की सही दवा (जैसे पैरासिटामोल सिरप) दें। अपनी मर्जी से कोई दवा न दें। जहां सुई लगी है, वहां थोड़ा सा लाल होना या हल्की सूजन होना आम है। यह दो-तीन दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है। वहां पर तंग कपड़े न पहनाएं। बच्चे को भरपूर पानी, दूध या सूप जैसी चीजें पीने को दें ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
17 Jul 2026, 8:43 AM IST
Published on:
17 Jul 2026, 8:43 AM IST
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