स्वास्थ्य

UPF Side Effects: आपकी थाली में रखा ‘रेडी-टू-ईट’ खाना घटा रहा है आपकी उम्र, जानें नई रिसर्च का बड़ा खुलासा!

UPF Side Effects: आजकल हमारे जीवन में 'रेडी-टू-ईट' खाने का प्रचलन बहुत ज्यादा बढ़ा है, इसी कारण से अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को बढ़ावा मिला है। आइये जानते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या होता है? इसके नुकसान क्या हैं? इसको छोड़ने से शरीर को कौन से लाभ होते हैं और यह किन बीमारियों से बचाता है?

2 min read
Jan 16, 2026
UPF Side Effects (image- gemini AI)

UPF Side Effects: आधुनिक जीवन की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम लोग इतना व्यस्त हो गए हैं कि हमें आराम से बैठकर खाना खाने की फुर्सत भी नहीं है। इसी कारण से हमारे जीवन में 'रेडी-टू-ईट' खाने का प्रचलन बढ़ा है और दूसरी तरफ यह हमारी मजबूरी बन गया है, क्योंकि हमारे पास समय का इतना अभाव है कि दूसरा कोई रास्ता बचता ही नहीं है। लेकिन क्या आपको पता है कि यह अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड हमारे शरीर में धीमा जहर घोल रहा है?

ये भी पढ़ें

Aamir Khan Diet: 61 साल के होने वाले आमिर खान दिख रहे हैं 40 के! जानिये उनकी Anti Inflammatory Diet डाइट का सच?

क्या होता है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड?(Ultra-Processed Foods)

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने के ऐसे पदार्थ होते हैं जो बाहर फैक्ट्री में कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरते हैं। इनमें नमक, तेल और चीनी तो ज्यादा मात्रा में होते ही हैं, इसके साथ इनमें ऐसे भी एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो आम लोगों की रसोई में नहीं मिलते हैं। अब बात आती है कि ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान कैसे करें? तो यह बहुत साधारण सी बात है। डिब्बे बंद सामग्री वाले पदार्थों में कई उत्पाद ऐसे होते हैं, जिन पर उपलब्ध तत्वों की जो सूची होती है वह हमारी समझ से बाहर होती है। यानी उन पर लिखे नाम हमारी समझ से परे होते हैं, जैसे कि एमल्सीफायर, फ्लेवर एनहांसर। अगर आपको ऐसे नाम दिखाई देते हैं तो समझ लीजिए वे UPF होते हैं।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के नुकसान क्या हैं?(Ultra-Processed Foods Side Effect)

  • मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
  • टाइप-2 डायबिटीज
  • शरीर में सूजन (Chronic Inflammation)
  • मानसिक स्वास्थ्य पर असर (Brain Health)
  • गट हेल्थ पर दुष्प्रभाव

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड छोड़ने से शरीर को लाभ?( Ultra-Processed Foods Avoiding Advantage)

BMJ और Clinical Nutrition में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर हम अपनी दिनचर्या से अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड हटा देते हैं, तो हम अपने खुशहाल बुढ़ापे की ओर आगे बढ़ते हैं। इसके साथ अन्य भी कई लाभ होते हैं:

  • UPF की मात्रा में हर 10% कमी करने पर आपकी बायोलॉजिकल उम्र 2.4 महीने बढ़ जाती है।
  • UPF सेवन को सीमित कर आप अपने शरीर को 30 से अधिक बीमारियों से बचाते हैं।
  • UPF की मात्रा 15% से कम रखने वालों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर उचित रहता है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड छोड़ने से कौन सी बीमारियां कम होती हैं?( Ultra-Processed Foods Disease)

  • हृदय रोग (Heart Diseases)
  • मोटापा
  • कैंसर
  • डिप्रेशन

UPF की जगह किसका प्रयोग करें?( Ultra-Processed Foods Replacement)

  • भुने हुए मखाने, चने या नट्स
  • नारियल पानी, नींबू पानी या ताजे फल
  • घर का बना दलिया, ओट्स या सूजी उपमा
  • होल ग्रेन (साबुत अनाज) ब्रेड या घर की बनी रोटी
  • ताजा सादा दही और उसमें कटे हुए फल

डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

ये भी पढ़ें

Ultra-Processed Foods खाते हुए भी रह सकते हैं फिट, जानें कैसे

Also Read
View All

अगली खबर