स्वास्थ्य

दो सप्ताह में एक बार उपवास क्यों जरुरी?

अक्सर डॉक्टर दो सप्ताह में एक दिन उपवास के लिए कहते हैं। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है।
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Dec 06, 2019
दो सप्ताह में एक बार उपवास क्यों जरुरी?
दो सप्ताह में एक बार उपवास क्यों जरुरी?

अक्सर डॉक्टर दो सप्ताह में एक दिन उपवास के लिए कहते हैं। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण है। सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं कि शरीर में प्राकृतिक चक्र से जुड़ी ‘मंडल’ नाम की एक चीज होती है। इसका मतलब 40 से 48 दिनों में शरीर एक खास चक्र से गुजरता है। हर चक्र में तीन दिन (11-14 दिन के बीच में एक) ऐसे होते हैं जिनमें शरीर को भोजन की आवश्यकता नहीं होती है। भूख का अहसास कम होता है। इस दिन बिना कुछ खाए भी रहा जा सकता है। मनुष्यों के साथ कुछ जानवर भी उपवास करते हैं। उस दिन को शरीर की सफाई का दिन भी कहते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए देश में एकादशी का दिन तय किया गया है। हिंदी महीनों के हिसाब से देखें तो हर 14 दिनों में एक बार एकादशी आती है। इसका अर्थ हुआ कि हर 14 दिनों में एक दिन नहीं खाएं तो सेहत के लिए अच्छा होगा।
वहीं डाइटीशियन भी 15 दिनों में एक दिन उपवास करना चाहिए। इसमें ध्यान देना चाहिए कि एकदम से पेट खाली नहीं होना चाहिए। इसमें थोड़ी-थोड़ी देर से फल या लिक्विड डाइट ले सकते हैं। कोई व्यक्ति पूरे दिन का उपवास नहीं कर सकता तो उसको एक समय का भी उपवास करना चाहिए। यह सेहत के लिए ठीक होता है। वजन नियंत्रित रहता है। वजन नियंत्रित रहने से कई बीमारियों से बचाव होता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
06 Dec 2019 07:46 pm