आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे की आखिर क्या है कीटो सोप ,और कैसे है ये आपके शरीर के लिए फायदेमंद।
कीटो सोप शरीर के फंगल और यीस्ट इन्फेक्शन के उपचार में मदद करती है। यह दवा उस समूह से संबंधित है जिसे एजोल एंटीफंगल के रूप में जाना जाता है। यह साबुन, फंगल सेल्स को घेरने वाली मेमब्रेन्स के उत्पादन को बाधित करके विभिन्न प्रकार के फंगी के विकास को रोकता है। कीटो सोप का इस्तेमाल आपके डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार किया जाना चाहिए। इससे अधिकतम लाभ पाने के लिए, इस दवा का इस्तेमाल नियमित रूप से किया जाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें, इससे आपकी स्थिति जल्दी ठीक नहीं होगी और इससे केवल साइड इफेक्ट बढ़ सकते हैं। डॉक्टर द्वारा निर्धारित अवधि से अधिक समय तक दवा का इस्तेमाल न करें और अगर इलाज के 2 से 4 सप्ताह के बाद भी आपकी स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो डॉक्टर को बताएं।
कब इस्तिमाल करें कीटो सोप
बीमारी के लक्षण खत्म होने के बाद भी आपको तब तक इस दवा का इस्तेमाल करना चाहिए जब तक इसको लेने की सलाह दी गई हो, अन्यथा लक्षण वापस आ सकते हैं। जिस इन्फेक्शन का इलाज आप करवा रहे हैं उसके प्रकार के आधार पर, यह कई हफ्ते हो सकते हैं। आपकी त्वचा पूरी तरह से ठीक होने के बाद भी, आपको लक्षणों को वापस आने से रोकने के लिए कभी-कभी क्रीम को लगाना पड़ सकता है।
जैसा कि हमेशा से हाथ धोने, चेहरे की सफाई और नहाने के लिए साबुन का इस्तेमाल करते आए हैं। इससे, ना केवल शरीर की सफाई होती है। बल्कि, पसीने और स्किन प्रॉब्लम्स को बढ़ाने वाले बैक्टेरिया का भी सफाया होता है। लेकिन, बार-बार साबुन का इस्तेमाल करने से स्किन और हमारी सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है। कई स्टडीज़ और रिसर्च में बार-बार इस बात का ज़िक्र किया जाता रहा है कि, साबुन का अधिक इस्तेमाल हमारी त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित होता है।