
31 दिसम्बर 2007 के पूर्व जन्मे किशोर टीकाकरण के लिए हैं पात्र, जिले में 15 से 18 वर्ष के किशोरों को कोरोना रोधक टीका लगाया जा रहा है।
कोरोना के नए-नए वेब आए दिन हम सब को परेशान कर रहे हैं । इनमें से अब ओमिक्रोंन सभी के लिए समस्या बनता जा रहा है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको जानकारी देंगे कि ओमिक्रोंन का आप कैसे सामना कर सकते हैं। और यदि आपको यह हो जाए तो कितने दिनों तक आपको सावधानी बरतने की जरूरत है । या यूं कहें ओमिक्रोंन कितने समय तक आपके साथ रह सकता है। और इसका असर आपकी जिंदगी पर कितने दिनों तक और किस प्रकार से पड़ेगा। अब इस कोरोना के एक नए वेरिएंट नियोकॉव ने लोगो को चिंता में डाल रखा है। आज के आर्टिकल में हम आपको नियोकॉव के विषय में सारी जानकारी देने जा रहे हैं।
नियोकॉव नाम के एक और कोरोनावायरस ने दुनिया में दस्तक दे दी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नया कोरोनावायरस काफी ज्यादा संक्रामक है और इससे 3 में से 1 संक्रमित व्यक्ति की मौत हो सकती है। यह वायरस काफी खतरनाक को सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नया कोरोनावायरस साउथ अफ्रीका में पाया गया है । रूस की न्यूज एजेंसी स्पूतनिक के अनुसार, कोरोनावायरस का यह नया प्रकार काफी ज्यादा संक्रामक को बढ़वा देता है। और इसकी मृत्यु दर भी काफी ज्यादा है। अब तक कोरॉना वायरस की तीसरी लहर से लोगो को को राहत नहीं मिल पाई है। और अब ऊपर से एक नई कोरोना को लहर ने लोगो को दहशत में डाल दिया है।
रिसर्च का क्या है कहना
वुहान में वैज्ञानिकों के एक रिसर्च पेपर के मुताबिक नियोकोव मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम या MERS-कोरोनावायरस से संबंधित है। पेपर को बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है और अभी तक इसकी समीक्षा नहीं की गई है। दक्षिण अफ्रीका में एक चमगादड़ में खोजा गया यह वायरस सिर्फ जानवरों के बीच फैलने के लिए जाना जाता था। लेकिन इस तरह का एक वेरिएंट 2012 से 2015 के दौरान मिडिल ईस्ट के देशों में फैला था। इससे हुए संक्रमण के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी।
Updated on:
28 Jan 2022, 7:05 PM IST
Published on:
28 Jan 2022, 7:02 PM IST
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