स्वास्थ्य

बच्चों में क्यों बढ़ रही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या

जंकफूड, अधिक तली भुनी चीजें, सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैक्ड चीजों के ज्यादा खाने और आउटडोर एक्टिविटी की कमी के कारण बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
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Dec 02, 2019
हाई कोलेस्ट्रॉल
बच्चों में क्यों बढ़ रही हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या

हाल ही में हुए अध्ययन में पाया गया कि 19 साल से कम उम्र के करीब 23 प्रतिशत बच्चों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक पाया गया है। देशभर के शहरी इलाकों में 20 साल तक के बच्चों में एलडीएल का स्तर भी ज्यादा पाया गया है। ऐसे में यदि इसे नियंत्रित नहीं किया जाता है तो यह आगे चलकर हृदय रोग व अन्य गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है।
खराब खानपान है प्रमुख कारण
कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा पदार्थ होता है जिसका निर्माण हमारे शरीर में लिवर करता है। यह शारीरिक गतिविधियों में मदद करता है। कई बार खराब खानपान या कुछ अन्य वजहों से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ जाती है। शारीरिक गतिविधियों के अभाव में शरीर इसे पचा नहीं पाता है और यह वसा के रूप में शरीर में जमने लगता है। इससे रक्तसंचार प्रभावित होने लगता है व गंभीर रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल की समस्या कैसे पहचानें
इसके कोई लक्षण नहीं होने से यह परेशानी खुलकर सामने नहीं आ पाती है। इसलिए फैमिली हिस्ट्री व मोटापे की समस्या होने पर शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह से बच्चों की पहली जांच 2 वर्ष में, दूसरी 10-11 की उम्र में व तीसरी 17-18 वर्ष की आयु में करा लेनी चाहिए। भविष्य में किसी प्रकार के रोग की आशंका न हो, इसके लिए डॉक्टरी सलाह से 17-18 साल के बीच बच्चों की एक बार जांच करा लेना ठीक माना जाता है।
जानिए क्या होता है कोलेस्ट्रॉल
शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करते हैं। इसमें खासतौर पर एलडीएल (लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन) व एचडीएल (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) का स्तर देखते हैं। सामान्य रूप से शरीर में एलडीएल की अधिक मात्रा व्यक्ति में बीमारियों का कारण बनती है। इसलिए इसे बुरा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। एलडीएल शरीर में 70 मिलिग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं एचडीएल रक्त वाहिनियां के अंदर से गंदगी को बाहर निकालने का काम करता है, इसलिए इसे अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। इसकी अधिकता स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है। यह 40 मिलिग्राम प्रति डेसीलीटर से कम नहीं होना चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
02 Dec 2019 06:14 pm
Published on:
02 Dec 2019 06:14 pm