World Blood Donor Day : जयपुर. रक्तदान के महत्व को बताने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की रुचि जागृत नहीं हो पाई है।
World Blood Donor Day : जयपुर. रक्तदान के महत्व को बताने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी भी स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की रुचि जागृत नहीं हो पाई है। ज्यादातर लोग अपने किसी परिचित, मित्र या परिवारजन को जरूरत पड़ने पर ही रक्तदान करने पहुंचते हैं। रिपोर्ट के अनुसार देश की कुल आबादी में करीब 42.5 करोड़ लोग रक्तदान के योग्य हैं। जबकि रक्तदान से 11 करोड़ यूनिट रक्त ही मिल पा रहा है। देश के अस्पतालों में मरीज की मेडिकल कंडीशन में उपचार के दौरान 10.6 करोड़, सर्जिकल के लिए 6.6 करोड़, महिला एवं प्रसूति रोग निदान मामलों में 3.6 करोड़, बच्चों के इलाज में 5.6 करोड़ सहित कुल 26 करोड़ यूनिट रक्त की सालाना आवश्यकता है। राजस्थान में स्वैच्छिक रक्तदान करीब 65 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार जयपुर में सालाना 3.65 लाख से अधिक रक्त की आपूर्ति होती है। ऐसे में हर दिन एक हजार यूनिट से ज्यादा की मांग रहती है।
गर्मियों में रक्तदान शिविरों की संख्या कम हो जाती हैं। इसके लिए सरकारी व निजी ब्लड बैंकों में रक्त क कमी आ जाती है। सबसे ज्यादा दिक्कत निगेटिव ब्लड ग्रुप की उपलब्धता को लेकर होती है। ऐसे में जरूरतमंदों को रक्त के लिए जूझना नहीं पड़े, इसके लिए स्वैच्छिक रक्तदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
दें योगदान
स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को बढ़ावा देना होगा। हर व्यक्ति, समुदाय और संगठनों को एक स्थायी आपूर्ति के लिए योगदान देना होगा। कई लोग नियमित स्वैच्छिक रक्तदान कर रहे हैं, वे प्रेरणादायी हैं।- डॉ. एस.एस. अग्रवाल, संचालक, स्वास्थ्य कल्याण ब्लड बैंक