
Keytruda Uses in Cancer (Photo- chatgtp)
Keytruda Uses in Cancer: कैंसर के इलाज में आजकल एक नई और असरदार थेरेपी का नाम तेजी से सामने आ रहा है, Keytruda। यह दवा पारंपरिक कीमोथेरेपी से अलग है और शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर कैंसर से लड़ने में मदद करती है।
इस दवा को सबसे पहले 2014 में U.S. Food and Drug Administration ने एडवांस मेलानोमा (स्किन कैंसर) के इलाज के लिए मंजूरी दी थी। बाद में इसके अच्छे रिजल्ट्स के चलते इसे कई तरह के कैंसर में इस्तेमाल की अनुमति मिल गई। भारत में भी इसे Drug Controller General of India ने कई कैंसर टाइप्स के लिए मंजूरी दी है।
Keytruda एक इम्यूनोथेरेपी दवा है, जिसे Merck & Co. ने बनाया है। इसे फेफड़ों के कैंसर, स्किन कैंसर, सिर-गर्दन के कैंसर, पेट के कैंसर और ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर में इस्तेमाल किया जाता है। Dr. Pooja Babbar बताती हैं, “पिछले 15 सालों में कैंसर के इलाज में बड़ा बदलाव आया है, खासकर इम्यूनोथेरेपी आने के बाद। Keytruda ने मरीजों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद की है।”
डॉ. अभिनव नरवारिया के अनुसार, हमारे शरीर में एक सिस्टम होता है जो इम्यून सिस्टम को कंट्रोल करता है। कैंसर सेल्स इसी सिस्टम का फायदा उठाकर खुद को छुपा लेते हैं। Keytruda इस ब्रेक सिस्टम को हटाने का काम करती है, जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम एक्टिव हो जाता है और कैंसर सेल्स को पहचानकर उन्हें खत्म करने लगता है। आसान भाषा में समझें तो यह दवा सीधे कैंसर पर हमला नहीं करती, बल्कि शरीर की ताकत बढ़ाकर उसे लड़ने लायक बनाती है।
डॉ. हेमंत परिगाला बताते हैं कि यह दवा उन मरीजों को दी जाती है जिनमें कुछ खास बायोमार्कर जैसे PD-L1, MSI-H या TMB ज्यादा होते हैं। यह दवा इन स्थितियों में दी जाती है:
डॉक्टरों के अनुसार, Keytruda के साइड इफेक्ट्स कीमोथेरेपी से कम होते हैं क्योंकि यह सिर्फ कैंसर सेल्स को टारगेट करती है। लेकिन फिर भी इसे डॉक्टर की निगरानी में ही लेना चाहिए।
कई इंटरनेशनल स्टडीज और क्लिनिकल ट्रायल्स ने दिखाया है कि Keytruda से मरीजों की सर्वाइवल रेट बेहतर हुई है और लंबे समय तक फायदा मिलता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह दवा सिर्फ एक ही कंपनी बनाती है, इसलिए इसे सही सोर्स से ही खरीदना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के कभी नहीं लेना चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
15 Apr 2026 06:19 pm
