
Anaya Bangar Gender Affirmation Surgery| image credit gemini
Anaya Bangar Gender Affirmation Surgery: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर, जिन्हें पहले आर्यन बांगर के नाम से जाना जाता था, इन दिनों अपनी जेंडर अफर्मिंग सर्जरी यानी लिंग परिवर्तन को लेकर चर्चा में हैं। बैंकॉक में हुई इस सफल सर्जरी के बाद अनाया एक ट्रांस वुमन के रूप में अपनी नई पहचान बना रही हैं। हालांकि सर्जरी के बाद उन्हें यूटीआई संक्रमण का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब वे पूरी तरह ठीक हैं। अनाया की इस जर्नी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के मन में पीरियड्स, फिजिकल लाइफ और पेरेंटहुड को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आइए, इंस्टाग्राम चैनल drflying.in पर साझा की गई डॉक्टरी सलाह के आधार पर इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।
अनाया के सफल सर्जरी के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अनाया को पीरियड्स आएंगे? इंस्टाग्राम चैनल drflying.in पर शेयर एक वीडियो के अनुसार, इसका जवाब है नहीं। चूंकि इस सर्जरी में शरीर के अंदर बायोलॉजिकल यूट्रस यानी बच्चेदानी या ओवरीज नहीं लगाए जाते, इसलिए उन्हें पीरियड्स नहीं होंगे। हालांकि, फिजिकल लाइफ के मामले में वह एक सामान्य महिला की तरह जीवन जी सकेंगी। वेजिनोप्लास्टी सर्जरी के दौरान नसों का पूरा ध्यान रखा जाता है, जिससे उन्हें पूरी सेंसेशन महसूस होगी और वह अपने पार्टनर के साथ एक सामान्य रिश्ता बना पाएंगी।
सर्जरी के बाद बनाए गए प्राइवेट पार्ट को सही अवस्था में बनाए रखने के लिए विशेष मेडिकल केयर की जरूरत होती है जिसे डायलेशन कहा जाता है। इसमें एक निश्चित समय तक नियमित रूप से प्रक्रिया करनी पड़ती है ताकि बनाई गई वेजाइनल कैनाल का आकार सही बना रहे और वह बंद न हो। रिकवरी के लिए यह सबसे जरूरी हिस्सा है जिसे लंबे समय तक फॉलो करना पड़ता है।
अनाया खुद बच्चे को अपनी कोख में नहीं रख पाएंगी, लेकिन वे मां जरूर बन सकती हैं। इसके लिए सरोगेसी का सहारा लिया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी दूसरी महिला यानी डोनर से एग लिया जाएगा और उसे लैब में फर्टिलाइज करने के बाद एक सरोगेट मदर की कोख में रखा जाएगा। इस तरह मेडिकल साइंस की मदद से वे भविष्य में मां बनने का सपना पूरा कर सकेंगी।
अनाया ने सर्जरी से पहले ही एक अच्छा फैसला लेते हुए अपने स्पर्म को स्पर्म बैंक में फ्रीज करवा दिया था। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में जब भी वे बच्चा चाहेंगी तो उनके अपने स्पर्म का इस्तेमाल होगा। यानी होने वाला बच्चा जेनेटिक रूप से सीधा अनाया से जुड़ा होगा। एक एग डोनर और सरोगेट मां की मदद से वे अपने बायोलॉजिकल बच्चे की मां बन सकेंगी।
सरोगेसी और स्पर्म फ्रीजिंग जैसी मुश्किल मेडिकल प्रक्रियाओं के अलावा अनाया के पास मां बनने का सबसे सरल और प्रभावशाली रास्ता बच्चा गोद लेना यानी एडॉप्शन है।
Updated on:
15 Apr 2026 12:20 pm
Published on:
15 Apr 2026 12:15 pm
