World Diabetes Day 2025: डायबिटीज आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। सही लाइफस्टाइल और डाइट के साथ-साथ योग भी ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में बेहद मददगार साबित होता है।
World Diabetes Day 2025: हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए दवाओं और डाइट के साथ-साथ रोजाना योग करना भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। योग न सिर्फ ब्लड शुगर को संतुलित करता है, बल्कि शरीर की ऊर्जा, पाचन और इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी बेहतर बनाता है। World Diabetes Day 2025 के मौके पर रामवेद बाबा के बताए कुछ आसान और असरदार योगासन अपनाएं, जिससे आपका ब्लड शुगर काबू में रह सके।
मंडूक आसन करते समय पेट के आसपास हल्का दबाव पड़ता है, जिससे Pancreas active होने लगता है और इंसुलिन का काम बेहतर होता है। इस आसन के लिए घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें, फिर हाथों को मुट्ठी बनाकर नाभि के पास रखें और धीरे से आगे झुक जाएँ। कुछ क्षण रुककर वापस आने से यह आसन पूरा हो जाता है। इसे करने से ब्लड शुगर बैलेंस रहता है और पाचन भी मजबूत होता है।
अनुलोम–विलोम एक बेहद शांतिदायक प्राणायाम है जो शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाता है और मन को शांत करता है। एक नाक से सांस लेकर दूसरी से छोड़ने की यह प्रक्रिया तनाव को कम करती है, जो डायबिटीज के लिए बड़ा ट्रिगर माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास शरीर में ऊर्जा का सही संतुलन बनाए रखता है और शुगर लेवल को भी स्थिर करता है।
कपालभाति में सांस जोर से छोड़ते हुए पेट को भीतर की ओर खींचा जाता है, जिससे पेट की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। कुछ ही मिनटों के अभ्यास से गैस्ट्रिक समस्याएं कम होती हैं, पाचन सुधरता है और शरीर हल्का महसूस होता है। यह प्राणायाम इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में भी मदद करता है, इसलिए डायबिटीज मैनेजमेंट में विशेष रूप से उपयोगी है।
धनुरासन में पेट के बल लेटकर दोनों घुटनों को मोड़े और हाथों से टखने पकड़े। अब छाती और जांघों को ऊपर उठाएं। यह आसन पैंक्रियाज और लिवर के लिए लाभकारी माना जाता है तथा इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके साथ ही यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और पेट की चर्बी कम करने में सहायक है।
चक्रासन करने के लिए पीठ के बल लेटें, हाथों को सिर के पास टिकाएं और हथेलियों व पैरों के सहारे शरीर को ऊपर उठाएं ताकि शरीर चक्र के आकार जैसा दिखे। यह थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है, जो मेटाबॉलिज्म नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नियमित अभ्यास से ब्लड शुगर नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
Halasana में पीठ के बल लेटें और पैरों को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाकर पैर की उंगलियों को जमीन छूने दें। यह आसन पेट के अंगों को नैचुरल मसाज देता है, जिससे पाचन सुधरता है और तनाव कम होता हैदोनों ही डायबिटीज मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाते हैं।