स्वास्थ्य

World’s First Bladder Transplant : 7 साल बाद कैंसर मरीज ने किया पेशाब, मिली नई जिंदगी की सौगात

World's First Bladder Transplant : लॉस एंजिल्स के यूसीएलए मेडिकल सेंटर में दुनिया की पहली मानव ब्लैडर ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।।

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May 20, 2025
मरीज़ ऑस्कर लारेनज़ार के साथ डॉ. नीमा नासिरी (फोटो सोर्स : Nick Carranza)

World's First Bladder Transplant : लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया के एक अस्पताल में चिकित्सा जगत ने इतिहास रच दिया है। यहां डॉक्टरों ने दुनिया की पहली मानव मूत्राशय (ब्लैडर) ट्रांसप्लांट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। यह अभूतपूर्व ऑपरेशन 4 मई को रोनाल्ड रीगन यूसीएलए मेडिकल सेंटर में संपन्न हुआ, जिसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन ने हाल ही में साझा की।

यह उपलब्धि उन मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है जो लंबे समय से ब्लैडर की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। यूसीएलए ने एक बयान में बताया कि इस प्रक्रिया से लाभान्वित होने वाले व्यक्ति 41 वर्षीय ऑस्कर लार्रैनज़ार हैं, जो चार बच्चों के पिता हैं।

ऑस्कर को कई वर्ष पूर्व कैंसर ने घेरा था, जिससे उनका अधिकांश ब्लैडर निकालना पड़ा था। बीमारी यहीं नहीं रुकी—कैंसर और किडनी की समस्या के कारण उनकी दोनों किडनियों को भी हटाना पड़ा, जिसके चलते वे पिछले सात साल से डायलिसिस पर निर्भर थे।

हाल ही में उन्हें एक अंगदाता से मूत्राशय और दोनों किडनियां प्राप्त हुईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आठ घंटे तक चली सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया। यह चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

World's First Bladder Transplant : वर्षों की मेहनत, एक दिन की कामयाबी

UCLA यूरोलॉजी चेयर डॉ. मार्क लिटविन ने कहा, ब्लैडर ट्रांसप्लांट (Bladder Transplant) डॉ. नसीरी का मुख्य शोध विषय रहा है। इसे प्रयोगशाला से रोगियों तक लाना एक अद्भुत उपलब्धि है।

इस प्रक्रिया में डॉ. इंदरबीर गिल (यूएससी यूरोलॉजी के संस्थापक) का भी अहम योगदान रहा, जिनके साथ मिलकर डॉ. नसीरी ने तकनीक और क्लिनिकल ट्रायल्स को विकसित किया।

World's First Bladder Transplant : मरीज की कहानी:

इस ट्रांसप्लांट के पहले मरीज की मूत्राशय को एक ट्यूमर हटाने के दौरान हटा दिया गया था और बाद में दोनों किडनी भी रीनल कैंसर के कारण निकालनी पड़ीं। मरीज पिछले 7 वर्षों से डायलिसिस पर था। इस जटिल स्थिति में संयुक्त ब्लैडर और किडनी ट्रांसप्लांट उसके लिए एकमात्र विकल्प बन गया।

World's First Bladder Transplant : ट्रांसप्लांट में खास तकनीक का इस्तेमाल

यूसीएलए (UCLA) के बयान के मुताबिक, डॉक्टरों ने पहले किडनी लगाई और फिर ब्लैडर इसके बाद उन्होंने अपनी खास तकनीक का इस्तेमाल करके किडनी को नए ब्लैडर से जोड़ दिया।

इस ऐतिहासिक ट्रांसप्लांट में शामिल सर्जनों में से एक, डॉ. नीमा नासिरी ने बताया कि इस प्रोसीजर के तुरंत बाद ही शानदार नतीजे देखने को मिले। नासिरी ने कहा, "किडनी ने फौरन बड़ी मात्रा में पेशाब बनाना शुरू कर दिया और मरीज के किडनी का काम भी तुरंत बेहतर हो गया। उन्होंने आगे बताया, सर्जरी के बाद डायलिसिस की कोई जरूरत नहीं पड़ी और पेशाब नए ब्लैडर में सही से जा रहा था।

नासिरी और उनके साथी सर्जन इंदरबीर गिल ने बताया कि पहले पूरे ब्लैडर का ट्रांसप्लांट इसलिए नहीं हो पाता था क्योंकि पेल्विस (श्रोणि) की खून की नसें बहुत जटिल होती हैं, जिससे यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से बहुत मुश्किल हो जाता है। नासिरी ने बताया, ब्लैडर ट्रांसप्लांट की यह पहली कोशिश चार साल से भी ज़्यादा समय से चल रही थी।

पहले जिन मरीजों को ब्लैडर दोबारा बनवाने की ज़रूरत होती थी, उनका ब्लैडर या तो आंत के हिस्से से बनाया जाता था या फिर पेशाब इकट्ठा करने के लिए स्टोमा बैग लगाया जाता था। नासिरी ने कहा कि इन तकनीकों में कई छोटे और लंबे समय के जोखिम थे, जिन्हें डॉक्टरों को उम्मीद है कि पूरे ब्लैडर ट्रांसप्लांट से टाला जा सकेगा।

क्यों जरूरी है Bladder Transplant?

दुनियाभर में लाखों लोग ब्लैडर डिसफंक्शन और गंभीर मूत्र रोगों से जूझते हैं। अभी तक इलाज के लिए मरीज की आंत का हिस्सा इस्तेमाल कर नया मूत्राशय बनाया जाता था, जो कई जटिलताओं जैसे संक्रमण, आंतों की समस्याएं और ब्लीडिंग पैदा करता है।

यूसीएलए यूरोलॉजी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे नई मेडिकल रिसर्च और इलाज के मामले में सबसे आगे हैं। ब्लैडर ट्रांसप्लांट की यह पहली सर्जरी बस एक शुरुआत है। इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में लाखों लोग पेशाब से जुड़ी बीमारियों से पूरी तरह ठीक हो पाएंगे।

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Updated on:
22 May 2025 03:53 pm
Published on:
20 May 2025 01:06 pm
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