स्वास्थ्य

किडनी खराब होने की जानकारी के बाद बीमारी चिंतित हुआ पर डरा नहीं, इलाज से अब स्वस्थ हूं

रीनल फेल्योर होने की स्थिति में तनाव न लें। इससे समस्या बढ़ेगी। इसका इलाज है। इसलिए संबंधित जांचें करवाएं। दवाएं लें व परहेज करें। यह कहना है एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में तैनात फिजिशियन डॉ. दिनेश श्रृंगी का। उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी...  
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Jul 01, 2019
kidney
किडनी खराब होने की जानकारी के बाद बीमारी चिंतित हुआ पर डरा नहीं, इलाज से अब स्वस्थ हूं

2011 में मैं हॉस्पिटल में नाइट में ड्यूटी कर रहा था। उस रात कुछ असुविधा महसूस हुई तो अगले दिन रूटीन जांचें करवाई। इसमें क्रिएटिनिन लेवल 1.8 आया जो थोड़ा बढ़ा था। करीब तीन साल से मैं हाइपरटेंशिव था, नेफ्रोलॉजी में वरिष्ठ चिकित्सकों की परामर्श से अन्य जांचों से पता चला कि किडनी फंक्शन ठीक नहीं है। किडनी खराब हो रही है। इससे डर लग रहा था किडनी खराब हो गई तो क्या होगा? बच्चे तो अभी छोटे हैं। विशेषज्ञों के बताए परहेज के साथ इलाज शुरू किया। 2015 में क्रिएटिनिन का लेवल तीन से चार व 2016 में पांच से छह पहुंच गया। जून 2017 में पेट खराब हो गया। थकान तेजी से बढऩे लगी तो जांच में पता चला दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं। डायलिसिस शुरू हो गई। इस दौरान भी ड्यूटी कर रहा था। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए परिवार व नजदीकी रिश्तेदारों में ब्लड मैच नहीं हुआ तो कैडेवर ही विकल्प था। जुलाई 2018 में किडनी का सफल ट्रांसप्लांट हुआ। डेढ़ माह बाद मैंने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की। नियमित जांच, परहेज के साथ दवाएं लेता हूं। इस दौरान वरिष्ठ सहयोगियों, पत्नी व बच्चों का पूरा सहयोग मिला।

Published on:
01 Jul 2019 09:05 am