Yuzvendra Chahal Anxiety Attacks: भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने तलाक के बाद अपने डिप्रेशन और एंग्ज़ायटी अटैक्स के अनुभव साझा किए। जानिए तलाक के बाद मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर होता है, एंग्जायटी अटैक के लक्षण क्या होते हैं और इससे बचने के उपाय क्या हैं।
Yuzvendra Chahal Anxiety Attacks: भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी जिंदगी का सबसे कठिन दौर तब आया जब उनका तलाक हुआ। उन्होंने बताया कि वे डिप्रेशन में चले गए थे और उन्हें एंग्जाइटी अटैक तक आने लगे थे। ये सुनकर कई लोग हैरान रह गए, क्योंकि अक्सर हम सोचते हैं कि सेलिब्रिटीज को ऐसे इमोशनल झटके नहीं लगते।
असल में, तलाक जैसे जीवन के बड़े बदलाव मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। जब रिश्ते टूटते हैं तो इंसान खुद को अकेला, परेशान और असुरक्षित महसूस करने लगता है। यही भावनाएं मिलकर एंग्जाइटी अटैक का रूप ले सकती हैं।
एंग्जाइटी अटैक यानी घबराहट का दौरा, एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें अचानक बहुत ज्यादा डर या बेचैनी महसूस होती है। शरीर और दिमाग दोनों पर इसका असर होता है।
बात करें: अपने मन की बात किसी भरोसेमंद इंसान या थेरेपिस्ट से ज़रूर साझा करें।
एक्सरसाइज करें: रोज़ाना थोड़ी-बहुत फिजिकल एक्टिविटी तनाव को कम करने में मदद करती है।
योग और ध्यान: मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज से मन शांत होता है।
भरपूर नींद लें: शरीर और दिमाग को आराम देना जरूरी है।
कैफीन और शराब से दूर रहें: ये आपकी चिंता को और बढ़ा सकते हैं।