
पानीपत,हिसार: अक्सर जब हम तरबूज खाते है तो उसमें बेतरतीब तरीके से मौजूद बीजों से हमें काफी दिक्कत होती है। हर किसी के मन में यही इच्छा रहती है कि काश तरबूज में बीज नहीं होते तो कितना अच्छा होता। अभी तक यह बात असंभव सी लगती थी। लेकिन हरियाणा के एक किसान ने इसे संभव कर दिखाया है। बीज नहीं होने के साथ ही इस तरबूज में और कईं खासियत है।
जी हां, हरियाणा के पानीपत जिले में सिवाह निवासी किसान रामप्रताप ने ऐसा तरबूज उगाया है। उन्होंने बताया कि एक क्यारी में उन्होंने तरबूज के 500 पौधे लगाए थे। इनमें फल लगने लगे है। यह तरबूज उगाने में कृषि विभाग ने भी उनकी मदद की। विभाग की ओर से समय समय पर उन्हें जानकारी प्रदान की जाती रही। साथ ही विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर रामप्रताप लीक से हटकर अन्य किसानों से भिन्न तरीके से खेती करते रहे हैं। उनके खेत में इस तरबूज का ट्रायल हुआ था जो सफल रहा। जैविक खेती के लिए रामप्रताप को जाना जाता है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।
यह है तरबूज की खासियत...
:— तरबूज में नहीं होंगे बीज।
:— अन्य तरबूजों की तुलना में मिठास और पानी की मात्रा होगी ज्यादा।
:— 4 से 6 किलो होगा इसका वजन।
:— शुगर फ्री होगा यह तरबूज, डायबिटीज पेशेंट्स भी ले सकेंगे इनका स्वाद
इस तरह के तरबूज की बाजार में डिमांड अधिक होगी। जिससे किसानों को फायदा होगा। रामप्रताप अन्य किसानों को भी इसे उगाने की जानकारी दे रहे है।