Dalai Lama Grammy Award: दलाई लामा को लेकर बड़ी खबर आ रही है। उन्हें ग्रैमी अवॉर्ड मिला है। आइये जानते हैं यह आखिर किस बड़ी कैटेगरी में यह उन्हें दिया गया है। जिसका जश्न उनके चाहने वाले मना रहे हैं।
Dalai Lama Grammy Award: दुनिया को शांति, करुणा और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने अब संगीत और कला की दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी जीत का परचम लहराया है। लॉस एंजेलिस में आयोजित '68वें वार्षिक ग्रैमी पुरस्कार' (68th Grammy Awards) समारोह में दलाई लामा ने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। जैसे ही ये खबर आई सोशल मीडिया पर लोग पूछने लगे कि आखिर क्यों 90 साल के दलाई लामा को यह पुरस्कार मिला है? तो आइये जानते हैं किस कैगेटरी में उन्हें यह सम्मान दिया गया है।
दलाई लामा को यह अवॉर्ड 'बेस्ट ऑडियो बुक, नैरेशन और स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग' की कैटेगरी में दिया गया है। उनके इस एल्बम में मेडिटेशन की गहरी बारीकियों और जीवन के लिए उनके अनुभवों को शेयर किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस जीत के साथ ही वह फेमस फिल्म निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग और के-पॉप सितारों की उस लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इस साल पहली बार ग्रैमी अपने नाम किया है।
6 जुलाई 1935 को तिब्बत के एक छोटे से गांव में जन्मे दलाई लामा को महज दो साल की उम्र में सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु के रूप में पहचान मिल गई थी। तब से उनका पूरी जिंदगी मानवता की सेवा और अहिंसा के प्रचार में बीता है। साल 1989 में उन्हें तिब्बत के मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिशों के लिए 'नोबेल शांति पुरस्कार' से भी नवाजा गया था। अब ग्रैमी अवॉर्ड ने उनके वैश्विक कद में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है।
ग्रैमी अवॉर्ड्स को संगीत की दुनिया का 'ऑस्कर' माना जाता है, जो 'रिकॉर्डिंग एकेडमी' द्वारा कलाकारों की उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। दलाई लामा की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि उनके शांति और करुणा के संदेश की पहुंच न केवल धर्म और राजनीति तक है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी और कला प्रेमी भी उनके विचारों से गहराई से जुड़े हुए हैं।
दुनिया भर में उनके करोड़ों फैंस इस जीत को एक ऐतिहासिक पल मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे 'शांति की जीत' बता रहे हैं। उनके एल्बम की खासियत यह है कि यह भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक सुकून और आंतरिक शांति की बात करता है, जिसकी जरूरत आज पूरी दुनिया को है।