
Guru Nakshatra Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देवगुरु बृहस्पति का गोचर और नक्षत्र परिवर्तन दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस बार 20 अप्रैल 2026, सोमवार को शाम 4 बजकर 43 मिनट पर गुरु पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जो उनके लिए विशेष स्थिति मानी जाती है। पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी स्वयं गुरु होने के कारण यह उनका स्वराशि नक्षत्र गोचर कहलाता है, जिससे शुभ फल मिलने की संभावना और बढ़ जाती है। इस दौरान धन, करियर और आध्यात्मिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई राशियों के लिए यह समय तरक्की, नए अवसर और किस्मत चमकने का संकेत लेकर आ रहा है।
जब गुरु अपने ही नक्षत्र में आते हैं, तो उनका शुभ प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह समय ज्ञान, धन, करियर और आध्यात्मिक उन्नति के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। कई लोगों के लिए यह नया अध्याय शुरू करने जैसा हो सकता है, जहां अवसर, स्थिरता और विकास एक साथ मिलते हैं।
इस गोचर से मेष राशि वालों को राहत मिल सकती है। पुराने तनाव और परेशानियां धीरे-धीरे कम होंगी। कर्ज का बोझ हल्का हो सकता है और करियर में नए मौके मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और स्वास्थ्य भी संतुलित रहेगा।
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नई संभावनाओं से भरा रहेगा। अधूरे काम पूरे होने लगेंगे और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। रिश्तों में भी सुधार आएगा।
कर्क राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। करियर में प्रगति होगी और मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और निवेश से लाभ हो सकता है। पुराने विवाद भी सुलझ सकते हैं।
तुला राशि के लोगों को इस दौरान स्थिरता और आर्थिक मजबूती मिल सकती है। आय में वृद्धि के योग हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नई साझेदारियां फायदेमंद साबित हो सकती हैं।
धनु राशि वालों के लिए यह गोचर नए अवसरों का द्वार खोलेगा। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की मिलेगी। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता के संकेत हैं और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।