Ketu Nakshatra Transit 2026: ज्योतिष शास्त्र में केतु को रहस्यमयी और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। यह समय कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, खासकर मिथुन, कन्या और मीन राशि वालों के लिए।
Ketu Nakshatra Gochar: 29 मई 2026 को केतु मघा नक्षत्र के तीसरे पद में प्रवेश करेंगे, जहां वह 30 जून तक रहेंगे।ज्योतिषाचार्य प्रमोद शर्मा के अनुसार, केतु का यह गोचर कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और करियर संबंधी चुनौतियां बढ़ा सकता है। खासतौर पर मिथुन, कन्या और मीन राशि वालों को इस दौरान पैसों, रिश्तों और कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मघा नक्षत्र का संबंध राजसी स्वभाव, प्रतिष्ठा और पूर्वजों से माना जाता है। इसके तीसरे चरण का स्वामी बुध ग्रह है, जो बुद्धि, संवाद, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारक है। ऐसे में केतु का इस चरण में प्रवेश कई लोगों की सोच, व्यवहार और आर्थिक फैसलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान भ्रम की स्थिति बन सकती है और छोटी गलतियां भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं।
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में अचानक रुकावटें आ सकती हैं और बनते काम भी बिगड़ सकते हैं। कई बार मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
आर्थिक मामलों में भी सावधानी बरतने की जरूरत है। निवेश या नए व्यापारिक फैसले जल्दबाजी में लेने से नुकसान हो सकता है। इस दौरान किसी भी कागजी काम को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं।
केतु का यह गोचर कन्या राशि वालों के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है। नौकरी या करियर में मनचाही सफलता मिलने में देरी हो सकती है। कई बार ऐसा महसूस होगा कि मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा।
स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। नींद की कमी, चिंता और मानसिक दबाव बढ़ सकता है। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मीन राशि वालों को इस दौरान अपनी वाणी और व्यवहार पर विशेष ध्यान देना होगा। गुस्से या भावनाओं में लिया गया फैसला रिश्तों और काम दोनों में परेशानी बढ़ा सकता है।
व्यापार और पैसों से जुड़े मामलों में धैर्य रखना जरूरी होगा। अचानक बढ़ते खर्च आर्थिक दबाव बना सकते हैं। इसलिए अनावश्यक खर्चों से बचें और हर निर्णय सोच-समझकर लें। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान और सकारात्मक सोच का सहारा लेना फायदेमंद रहेगा।