Shani Dev Favourite Zodiac Sign: शनि देव को ज्योतिष में न्याय का देवता कहा जाता है। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। आमतौर पर शनि का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है, क्योंकि उन्हें कठोर ग्रह माना जाता है। लेकिन सच्चाई यह है कि जब शनि प्रसन्न होते हैं, तो साधारण व्यक्ति को भी ऊंचाइयों तक पहुंचा देते हैं।
Shani Dev Favourite Zodiac Sign: शनि ग्रह को न्याय का देवता माना जाता है, जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। उनकी चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन असर बेहद गहरा और लंबे समय तक रहने वाला होता है। जब शनि (Shani Dev) अपनी राशि या स्थिति बदलते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है, जिससे कई लोगों के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। हालांकि कुछ राशियां ऐसी भी होती हैं, जिन पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है और साढ़ेसाती में भी उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ता। आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र तिवारी से कौन-सी हैं ये भाग्यशाली राशियां।
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं, और शनि का शुक्र के साथ अच्छा संबंध माना जाता है। यही कारण है कि शनि देव वृषभ राशि वालों पर अक्सर मेहरबान रहते हैं।इन जातकों को जीवन में स्थिरता और आर्थिक मजबूती मिलती है। शनि के प्रभाव के बावजूद इनके जीवन में बड़े संकट कम ही आते हैं। परिवार में सुख-शांति और धन की स्थिति सामान्य से बेहतर बनी रहती है।
तुला राशि में शनि उच्च (Exalted) माने जाते हैं, इसलिए इस राशि पर उनका विशेष आशीर्वाद रहता है।तुला राशि के लोग मेहनती और संतुलित स्वभाव के होते हैं। शनि की कृपा से ये कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने में सक्षम रहते हैं। इनके कार्यों में स्थिरता और सफलता देखने को मिलती है।
मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। इसलिए इस राशि के लोगों पर शनि का सीधा प्रभाव रहता है, लेकिन यह प्रभाव अक्सर सकारात्मक रूप में देखने को मिलता है।मकर राशि के जातक मेहनती, अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं। शनि की कृपा से इन्हें जीवन में धीरे-धीरे लेकिन स्थायी सफलता मिलती है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहने की संभावना अधिक रहती है।
कुंभ राशि भी शनि की ही राशि मानी जाती है। इस कारण शनि देव का इस राशि पर विशेष संरक्षण रहता है।भले ही जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव आएं, लेकिन कुंभ राशि के जातक जल्दी संभल जाते हैं। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान भी इन्हें बहुत अधिक कष्ट नहीं झेलना पड़ता। आर्थिक रूप से भी ये अक्सर सुरक्षित रहते हैं।
धनु राशि के स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, और शनि व गुरु को मित्र ग्रह माना जाता है। इस कारण धनु राशि वालों पर शनि का नकारात्मक प्रभाव कम हो जाता है। यदि इस राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तब भी इसका असर अपेक्षाकृत हल्का रहता है। कई बार ऐसे समय में भी अचानक धन लाभ या नए अवसर मिलने की संभावना बनती है।