
नई दिल्ली। लाखों टन प्लास्टिक दुनियाभर के सागरों में पहुंच कर उनसे जीवन छीन रहा है। ऐसे ही समंदर किनारे मिली व्हेल की मौत आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगी कि प्रदूषण किस हद तक हमारे अनमोल जीवों के लिए खतरा बन रहा है। व्हेल की विशालकाय लाश से बरामद चीज किसी वैश्विक चिंता से कम नहीं है बता दें कि हर साल करीब 8 मिलियन टन प्लास्टिक, जिसमें बोतलें, पैकेजिंग और अन्य वेस्ट होता है, समुद्र में डाला जाता है। यह प्लास्टिक कचरा जलीय जीवों की मौत का कारण बन रहा है। पानी पर तैरता प्लास्टिक ना केवल दिखने में बुरा लगता है बल्कि बहुत छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है, जिसे समुद्री जीव भोजन समझकर खा लेते हैं।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले थाइलैंड में समुद्र के किनारे मिली एक बीमार व्हेल मछली ने 5 दिन बाद रविवार को आखिरकार दम तोड़ दिया। हैरानी की बात ये है कि इस व्हेल मछली के पेट से प्लास्टिक के 80 पीस मिले हैं, जिनका वजन करीब 8 किलो है। बता दें कि यह व्हेल मछली थाइलैंड के दक्षिणी प्रांत सोंगखला के समुद्री इलाके में बेहोशी की हालत में पायी गई थी। जिसके बाद वेटरनरी डॉक्टरों की एक टीम इस व्हेल मछली के इलाज में लगी थी। एक स्टडी में सामने आया था कि प्लास्टिक खाने से मछलियों की वृद्धि अवरूद्ध होती है और वे जल्दी मरने लगती हैं। वहीं कुछ मछलियों को इन्हें खाने की लत लग जाती है। थाइलैंड के मरीन और कोस्टल रिसोर्स डिपार्टमेंट का कहना है कि शुक्रवार को व्हेल ने उल्टी की थी, जिसमें प्लास्टि के 5 बैग मिले थे। इसके बाद व्हेल की ऑटोप्सी की गई तो उसके पेट से प्लास्टिक के 80 बैग निकाले गए। मरीन डिपार्टमेंट का कहना है कि पेट में प्लास्टिक ने व्हेल को बीमार बना दिया था जिस कारण व्हेल अपने खाने के लिए शिकार नहीं कर पा रही थी। थाइलैंड के मरीन विभाग का कहना है कि वह 8 जून को मनाए जाने वाले वर्ल्ड ओशीन डे पर लोगों में प्लास्टिक के प्रति जागरुकता लाने का प्रयास करेगा। विभाग का कहना है कि व्हेल मछली के इस मामले को सभी सेक्टरों के सामने उठाया जाएगा, ताकि थाइलैंड में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जाए।